
इतना क्यों डर रहे हो… और हमें क्यों डरा रहे हो… आपके डर ने इतना डरा दिया कि लोगों ने अपने आपको बिना गरीबी के गरीब मान लिया… व्यापारियों ने कारोबार घटा दिया… सोने का सुनहरा युग पाताल में धंसा दिया… तेल की कमी क्या हुई, आपने लोगों का तेल निकाल दिया… कभी आप ही कहते थे कि कहां ईरान, कहां इराक और कांग्रेस की सरकार ईरान-इराक युद्ध के कारण महंगाई बढऩे का राग अलाप रही है… डॉलर पाताल में धंसा रही है… अब आपकी सरकार भी वो सब महसूस किए जा रही है, जो उस समय कांग्रेस सरकार ने वक्त बिताया… लेकिन तब भी इस देश ने उस वक्त को निभाया और आज भी निभाएंगे… बस आप हमारा हौसला मत मिटाइए… आपका एक बयान देश में जोश भर देता है और आपका एक बयान देश के होश उड़ा देता है… आप यह कहते कि हम निपटे हैं… निपटेंगे… न डरे हैं… न डरेंगे… जैसी भी परिस्थितियां आए मुकाबला करेंगे… तो देशवासियों का हौसला आसमान छूने लग जाता है… लेकिन आप कहेंगे कि उपयोग घटाओ… सोना खरीदने मत जाओ… महंगाई बढ़ जाएगी… गरीबी फिर लौट आएगी, तो जो न होने वाला है, वो हो जाएगा… पैसे से लोग गरीब हो या न हो… दिमाग से गरीब हो जाएंगे… पेट काट-काटकर जीने लग जाएंगे… फिर बोझ सरकार पर बढ़ जाएगा… जिन चीजों का संबंध एशियाई संकट से नहीं है… जिनके परिवहन में होर्मुज आड़े नहीं आता है… उन चीजों के भी दाम मुनाफाखोर बढ़ाएंगे और आप और आपकी सरकार के लोग कुछ नहीं कर पाएंगे… आपको नीतियां बनाना चाहिए… जिस कीमत में मिले, उस कीमत में पहुंचाना चाहिए… जिनमें खरीदने की हैसियत होगी, वो खरीदेंगे… जो नहीं खरीद पाएंगे, वो ही खपत को पार लगाएंगे… सोने पर आपने आयात शुल्क लगाया, किसी ने ऐतराज नहीं जताया, लेकिन आपके संदेश ने जौहरियों का कारोबार मिटाया… देश सक्षम है और देश इसलिए सक्षम है, क्योंकि देशवासी सक्षम हैं… महंगाई को आप भी कहां रोक पाए… डॉलर को गिरने से भी आप कहां बचा पाए… छोटे दुकानदार ऑनलाइन की भेंट चढ़ रहे हैं और कीमतें वायदा बाजार की गुलाम हो चुकी हैं… देश की अंदरुनी समस्याएं नहीं मिट रही हैं और हम ईरान-अमेरिका युद्ध की परिस्थितियों से डर रहे हैं… आप चिंता नहीं करें… चिंतन करें… एक रास्ता बंद हुआ है, तो दूसरा खुल जाएगा… सवा सौ करोड़ लोगों का भरोसा कब काम आएगा…
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