
नई दिल्ली. दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया (Social Media) और टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक मेटा (Meta) ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। 20 मई को मेटा के कर्मचारी (Employee) जब सुबह सोकर उठे तो उन्हें पता चला की नौकरी (jobs) छीन ली गई है। इससे पहले कर्मचारियों से कहा गया था कि 20 मई से दफ्तर नहीं खुलेंगे, वर्क फ्रॉम होम ( WFH ) होगा। लेकिन बुधवार सबसे पहले सुबह 4 बजे सिंगापुर के कर्मचारियों ईमेल आने शुरू हो गए जिसमें नौकरी से निकाले जाने का मैसेज था।
दरअसल, मेटा ने अपने वर्कफॉर्स के लगभग 8000 यानी 10 प्रतिशत कर्मचारियों को निकाल दिया है। इसकी जानकारी अप्रैल में दे दी गई थी। अप्रैल में, उन्हें बताया गया था कि 20 मई को 8,000 कर्मचारियों की छंटनी कर दी जाएगी। छंटनी की शुरुआत सिंगापुर से हुई, जहां बुधवार को सुबह 4 बजे (स्थानीय समय के अनुसार) उन कर्मचारियों को ईमेल भेजे गए जिन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है। इशके बाद ब्रिटेन, अमेरिका और अन्य जगहों के कर्मचारियों को बुधवार की सुबह उनके अपने-अपने टाइम जोन के हिसाब से सूचना दी जाएगी।
पहले WFH के लिए कहा गया था
20 मई यानी बुधवार को मेटा के ऑफिस लगभग खाली रहने वाले थे, क्योंकि कंपनी की HR हेड जेनेल गेल ने इस हफ्ते कर्मचारियों से कहा था कि वे घर से ही काम करें। मिली जानकारी के अनुसार, WFH की सूचना मिलने के बाद कुछ कर्मचारियों ने ऑफिस की दीवारों पर पर्चे लगाए थे, जिनमें एक याचिका का जिक्र था। इस याचिका में Meta के उस नए प्रोग्राम को रोकने की अपील की गई थी, जिसके तहत AI ट्रेनिंग के लिए कर्मचारियों के डेटा को ट्रैक किया जा रहा था।
मेटा ने 8000 कर्मचारियों को क्यों निकाला?
मेटा ने 8000 कर्मचारियों की छंटनी के पीछे AI का बताया है। कंपनी के अंदर बड़ा फेरबदल किया जा रहा है। Meta खुद को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर के लिए नए सिरे से तैयार कर रहा है। 7,000 कर्मचारियों को AI से जुड़ी नए प्रोजेक्ट्स में लगाया जाएगा।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, मेटा इस साल 125-145 अरब डॉलर खर्च करने की प्लानिंग कर रहा है, जिसमें बड़ा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर खर्च होगा। AI बेस्ड ऐसी टीम्स बनाई जाएंगी जो कम कर्मचारियों के साथ अधिक तेजी और कम लागत में काम कर सकें। मेटा सिर्फ AI Chatbot के भरोसे नहीं बैठना चाहती, बल्कि वर्कप्लेस ऑटोमेशन में भी बड़ी भूमिका निभाना चाहती है।
कंपनी सिर्फ छंटनी नहीं कर रही है, बल्कि अपने कर्मचारियों को नई टेक्नोलॉजी के हिसाब से तैयार कर रही है। एचआर हेड जेनेल गेल का कहना है कि जल्द ही 7000 कर्मचारियों को नई एआई बेस्ड टीम्स में ट्रांसफर किया जाएगा। मैनेजमेंट लेवल के काम को कम किया जा रहा है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved