नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप (CTWG) की 11वीं वार्षिक बैठक में सदस्य देशों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति का समर्थन करते हुए आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
भारत की अध्यक्षता में 21 और 22 मई 2026 को आयोजित इस बैठक में ब्रिक्स देशों के वरिष्ठ आतंकवाद-रोधी अधिकारियों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन ब्रिक्स काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित किया गया।
बैठक के दौरान सदस्य देशों ने न केवल पहलगाम हमले की आलोचना की, बल्कि ब्रिक्स देशों में हुए अन्य आतंकी घटनाओं की भी निंदा की। प्रतिनिधियों ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में आतंकवाद नई चुनौतियों के रूप में सामने आ रहा है, जिससे निपटने के लिए साझा रणनीति और समन्वय जरूरी है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि वैश्विक आतंकवाद जैसी गंभीर चुनौती का मुकाबला केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने सदस्य देशों से अपील की कि ब्रिक्स काउंटर टेररिज्म वर्किंग ग्रुप को और अधिक प्रभावी, नवाचार आधारित तथा परिणामोन्मुख बनाया जाए।
सिबी जॉर्ज ने पहलगाम हमले के बाद भारत के प्रति समर्थन और एकजुटता दिखाने के लिए सभी ब्रिक्स देशों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए कहा कि देश किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि के प्रति सख्त रुख अपनाए हुए है।
बैठकों की अध्यक्षता विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (काउंटर टेररिज्म) डॉ. विनोद बहादे ने की। मुख्य बैठक से पहले पांच अलग-अलग विषयगत उप-समूहों की बैठकें भी हुईं, जिनमें आतंकवाद के विभिन्न आयामों और उससे निपटने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान ब्रिक्स सदस्य देशों के अधिकारियों ने सूचना साझा करने, आतंकवाद की फंडिंग रोकने और उभरते साइबर खतरों से निपटने जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved