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सरकार CIL में बेच रही हिस्सेदारी, खरीदारी के लिए सिर्फ 2 दिन है मौका

May 27, 2026

नई दिल्ली. भारत सरकार (Government of India) कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में अपनी हिस्सेदारी बेचने वाली है. ये स्टेक सेलिंग ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस (Coal India OFS) के जरिए होगी, जिसके तहत सरकार 2% तक हिस्सेदारी बेचेगी. ये ओएफएस (OFS) बुधवार 27 को खुलेगा, जबकि इसमें 29 मई तक खरीदारी की जा सकेगी. बीते कारोबारी दिन मंगलवार को सरकारी माइनिंग कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस संबंध में जानकारी शेयर की है.

सरकार की ओर से इस ओएफस के जरिए हिस्सेदारी बिक्री के लिए प्रति शेयर न्यूनतम मूल्य या फ्लोर प्राइस 412 रुपये तय किया गया है, जो कि कोल इंडिया शेयर के एनएसई क्लोजिंग प्राइस 455.90 रुपये की तुलना में लगभग 10% कम है. इस ओएफएस के जरिए निवेशकों को रियायती रेट्स पर सरकारी कंपनी के शेयर खरीदने का मौका मिल रहा है.


  • 5000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य
    सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष (FY27) के लिए निर्धारित 80,000 करोड़ रुपये के विनिवेश और परिसंपत्ति मॉनेटाइजेश टारगेट को पूरा करने के लिए सरकारी स्वामित्व वाली कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में अपने शेयर बेचकर 5,000 करोड़ रुपये तक जुटाना है.

    ओएफएस के तहत तय किए गए फ्लोर प्राइस के हिसाब से सरकार को 1% बेस हिस्सेदारी की बिक्री के जरिए 2,500 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने की उम्मीद है, जबकि अतिरिक्त ग्रीन शू ऑप्शन के पूरी तरह उपयोग होने पर ये राशि 5,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है.

    Coal India OFS के जरिए सरकार कोल इंडिया की कुल इक्विटी पूंजी के 1% के बराबर 6.16 करोड़ शेयर बेच सकती है. सरकार ने ओवरसब्सक्रिप्शन की स्थिति में इतने ही एक्स्ट्रा शेयर बेचने के लिए ग्रीन शू विकल्प अपने पास रखा है. यानी कुल स्टेक सेल 12.32 करोड़ शेयरों की होगी, जो कंपनी में सरकार की 2% हिस्सेदारी के बराबर है.

    27 और 29 मई को बोली लगेगी
    सरकारी कंपनी कोल इंडिया के इस ओएफएस के जरिए शेयरों बिक्री बुधवार 27 मई से नॉन-रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए शुरू होगी, जबकि रिटेल निवेशक, पात्र कर्मचारी 29 मई से इसमें भाग ले सकते हैं. बता दें कि 28 मई को शेयर बाजार बकरी-ईद के मौके पर ट्रेडिंग के लिए बंद रहेगा.

    सरकार है कोल इंडिया की प्रमोटर
    भारत सरकार वर्तमान में कोल इंडिया की प्रमोटर बनी हुई है और पब्लिक सेक्टर की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर अपनी विनिवेश रणनीति जारी रखे हुए है. ये नया ओएफएस ऐसे समय में आया है, जब कोल इंडिया ने स्थिर फाइनेंशियल और ऑपरेशनल प्रदर्शन दर्ज किया है.

    बीते मार्च में समाप्त तिमाही के लिए, कोल इंडिया ने टैक्स के बाद कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में 12% की सालाना ग्रोथ दर्ज की थी और 10,908 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था. वहीं दूसरी ओर ऑपरेशनल रेवेन्यू पर नजर डालें, तो ये 6% के इजाफे के साथ बढ़कर 46,490 करोड़ रुपये रहा था. कंपनी बोर्ड ने निवेशकों के लिए वित्त वर्ष 2026 के लिए 5.25 रुपये प्रति शेयर के अंतिम लाभांश की भी घोषणा की है.

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