
इंदौर। इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल के एक ही ठिकाने पर एक साथ तीन टीमों ने छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में अधिकारी के पास आय से अधिक संपत्ति मिलने का खुलासा हुआ है, जबकि उनकी कुल आय ढाई करोड़ होना थी लेकिन उनकी कुल अर्जित आय साढ़े नौ करोड़ पाई गई है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है।
लोकायुक्त पुलिस के निरीक्षक आशुतोष मिठास ने बताया कि लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर राजेश सहाय को मिली शिकायत और उसके सत्यापन के बाद विशेष न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि कंडवाल ने अपने लगभग 30 वर्षों के सेवाकाल के दौरान इंदौर, पीथमपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश किया। अब तक 14 संपत्तियों की जानकारी मिली है, जिनमें शहर के पाश इलाके स्कीम 140 में कीमती रिहायशी प्लॉट, कई कृषि भूमि और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं। वहीं इंदौर के स्कीम नंबर-103 स्थित एक चार मंजिला भवन भी जांच के दायरे में है।
भवन की तीन मंजिलों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, जिसमें कंडवाल खुद एक जिम संचालित करते हैं, जबकि ऊपरी मंजिल पर उनका निवास बताया गया है। लोकायुक्त की टीम यहां दस्तावेजों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। प्रारंभिक मूल्यांकन के अनुसार अग्रवाल की कुल संपत्ति करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि वैध आय लगभग ढाई करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है। एक बैंक लॉकर की भी जानकारी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार छापे की कार्रवाई जारी है और संपत्तियों का आंकड़ा तथा मूल्यांकन और बढ़ सकता है।
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