
इंदौर। शहर के सभी सार्वजनिक स्थानों में लाखों की संख्या में चूहे हो गए हैं। शास्त्री ब्रिज को खोखला करने के साथ रीगल तिराहे पर गांधी प्रतिमा और वहां बनी रोटरी के नीचे भी बड़ी संख्या में चूहों के बिल मिले, जिसे खत्म करने का काम भी निगम ने शुरू करवाया। इसके अलावा गांधी हॉल, छप्पन दुकान सहित स्थानों पर भी चूहों के बिल पाए गए हैं। अभी बारिश के चलते गंदगी-कीचड़ ने मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ा दिया है। यहां तक कि एयरपोर्ट जैसा अतिविशिष्ट क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। हवाई यात्रियों ने टर्मिनल भवन के अंदर बड़ी संख्या में मच्छर की शिकायत की और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इससे जुड़ी पोस्ट शेयर की, जिसके बाद एयरपोर्ट प्रबंधन ने दवाइयों के छिड$क़ाव की व्यवस्था शुरू की है।
हालांकि नगर निगम और मलेरिया विभाग कीटनाशक दवाइयों के छिडक़ाव के मामलों में फिलहाल पीछे है, तो फॉगिंग मशीनें भी गायब हो गई। गर्मियों के दिनों में वार्डों के गली-मोहल्लों, कॉलोनियों, टाउनशिप में फॉगिंग मशीनों का इस्तेमाल होता नजर आया भी। वैसे तो बारिश के मौसम में हर बार ही जगह-जगह पानी भरने और लार्वा पनपने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और जल जनित बीमारियों के साथ-साथ मच्छरों के काटने से होने वाली मलेरिया-डेंगू सहित अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए भी स्वास्थ्य विभाग कारगर कदम उठाता रहा है।
इसमें निचली बस्तियों में सर्वे करने, दवाइयां बांटने, छिडक़ाव करने से लेकर अन्य ऐहतियाती उपाय भी किए जाते रहे हैं। मगर इस बार जहां बारिश भी रूक-रूककर हो रही है और मच्छरों का प्रकोप भी लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मलेरिया विभाग और नगर निगम में भी मच्छरों के खात्मे के लिए कोई आवश्यक कदम नहीं उठाए गए हैं और जो सभी झोनों को फॉगिंग मशीनें दी गई थी वे भी बंद पड़ी है। एक बड़ी समस्या लगातार बढ़ती चूहों की संख्या को लेकर भी है। शहर के सभी सार्वजनिक स्थलों पर चूहों के बिल बड़ी तादाद में पाए जा रहे हैं, जहां पर बड़े-बड़े चूहे हो गए हैं, जो जमीन के साथ-साथ कुछ क्षेत्र और उस पर बने निर्माणों को भी लगातार खोखला कर रहे हैं।
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