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इंदौर: चर्चित फर्जी बिल महाघोटाले में अब तक ईडी ने 43 सम्पत्तियों के साथ 59 करोड़ की जब्ती कर ली तो निगम ने पकड़ीं 469 बोगस फाइलें

July 27, 2026

घोटालों के गढ़ में नामांतरण के बाद नए वेतन घोटाले की भी आयुक्त ने शुरू करवाई जांच, एफआईआर भी करवाएंगे दर्ज

इंदौर। घोटालों (scam) के गढ़ नगर निगम (municipal corporation) में एक की जांच पूरी नहीं होती, दूसरा उजागर हो जाता है। बहुचर्चित फर्जी बिल घोटाले (Fake bill scams) की जांच तो अब ईडी (ED) द्वारा की ही जा रही है और अभी उसके इंदौर सब झोनल कार्यालय ने दो दिन पहले ही 3.48 करोड़ रुपए मूल्य की 9 अचल सम्पत्तियों को कुर्क कर लिया। अभी तक मनी लॉन्ड्रिंग की इस जांच में ईडी ने 59.18 करोड़ रुपए की कुर्की-जब्ती कर ली है और इस महाघोटाले को 103.62 करोड़ रुपए का बताया।


  • महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कुछ समय पहले दावा किया था कि उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार का कोई मामला नहीं रहेगा। मगर एक के बाद एक घोटाले उजागर हो रहे हैं। नामांतरण घोटाले की जांच तो अभी चल ही रही है और इस बारे में आज जांच रिपोर्ट आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत होने की भी चर्चा है। दूसरी तरफ चार दिन पहले मस्टरकर्मियों के वेतन घोटाले का नया मामला भी सामने आया, जिसमें लगभग 3 लाख रुपए की राशि मस्टरकर्मियों के नाम पर निकालकर अन्य खातों में जमा करा दी गई। इस वेतन घोटाले की जांच के लिए भी निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने 5 अधिकारियों की जांच कमेटी बना दी है, जिसमें अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, देवधर दरवई, उपायुक्त केएस सगर, लेखापाल, आशीष तागड़े और सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर कपिल गेहलोत को शामिल किया है और हफ्तेभर में जांच प्रतिवेदन मांगा गया है। दूसरी तरफ ईडी फर्जी बिल महाघोटाले की लगातार जांच में जुटी है और थाना एमजी रोड में दर्ज एफआईआर के आधार पर जो जांच ईडी ने शुरू की, उसमें फर्जी बिल, जाली कार्यादेश, फर्जी माप पुस्तिकाओं और अन्य कूटरचित रिकॉर्ड के जरिए निगम खजाने से सरकारी धन की धोखाधाड़ीपूर्वक निकासी का आरोप है। ईडी ने 103.62 करोड़ की धोखाधड़ी इस मामले में मानी है। हालांकि निगम का कहना है कि वास्तविक राशि 92 करोड़ है, जिनका भुगतान फर्जी फाइलों को तैयार कर हो गया है। निगम का यह भी कहना है कि इस महाघोटाले से जुड़ी कुल 693 फाइलों में से 469 फाइलेें बोगस यानी पूरी तरह से फर्जी निकली हंै, जिनके माध्यम से यह भुगतान घोटालेबाजों ने हासिल किया। ईडी ने 3 मुख्य आरोपियों अभयसिंह राठौर, मोहम्मद जाकिर और राहुल वडेरा को पिछले दिनों गिरफ्तार भी किया और ये तीनों अभी न्यायिक हिरासत में भी हैं।

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