
- रोडवेज की जगह अब सुगम परिवहन सेवा का संचालन होगा
उज्जैन। राज्य सरकार जुलाई में इंदौर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बसों का संचालन शुरू कर रही है। पहले चरण में अनुबंध के आधार पर 12 मीटर इलेक्ट्रिक इंजन वाली 26 बसें चलाने की योजना है। इसमें प्रथम चरण में उज्जैन- इंदौर 6 बस चलेगी। बस संचालन अनुबंध के आधार पर होगा। इसकी शर्तें तय कर दी गई है।
हाईटेक इलेक्ट्रिक बसों की सीसीटीवी और लाइव ट्रैकिंग से निगरानी होगा। बसों के लिए 22 जून तक टेंडर बुलाए गए हैं। तीन वर्ष बस संचालन का अनुभव रखने वाले ऑपरेटर इस प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। ऑपरेटर के लिए 10 करोड़ का टर्नओवर होना जरूरी है। एक या तीन ऑपरेटर एक साथ भी टेंडर प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। तकनीकी बीड में सफल रहने पर ऑपरेटर और एआईसीटीसीएल के बीच दस साल बस संचालन का अनुबंध होगा। चयनित ऑपरेटरों को नई इलेक्ट्रिक बस उपलब्ध करानी होगी। ऑपरेटरों को इलेक्ट्रिक बस संचालन के लिए बस डिपो के अलावा रूट पर और अंतिम पड़ाव पर चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था करनी होगी। अनुबंध करने वाले ऑपरेटर को नई इलेक्ट्रिक बस खरीदने पर सरकार की तरफ से बस की कीमत या 1.50 करोड़, जो भी कम हो, का 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान चार चरणों में मिलेगा। रूट प्लानिंग, सर्विस स्टैंडर्ड्स और ऑपरेशनल मॉनिटरिंग एआईसीटीसीएल करेगा। वहीं बस ऑपरेटर को सुरक्षित और कस्टमर-ओरिएंटेड सर्विस देनी होगी। बस ट्रैकिंग नहीं होने पर एक हजार रुपये, समय पालन नहीं करने पर 500 रुपये प्रतिदिन जुर्माना होगा। पहला हादसा होने पर 15 हजार जुर्माना और वैधानिक जिम्मेदारियां भी रहेगी। बस उपलब्ध नहीं होने पर एक हजार रुपये प्रति बस प्रतिदिन जुर्माना। इलेक्ट्रिक चार्जिंग उपलब्ध नहीं होने पर एक हजार प्रतिदिन जुर्माना। चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिलने पर 500 रुपये जुर्माना एक हजार ट्रिप पर दो से अधिक शिकायतें आने पर हर अतिरिक्त शिकायत पर 500 रुपये जुर्माना लगेगा।