
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने मंगलवार को फ्रांस में G7 समिट (G7 Summit) के दौरान एक आउटरीच सेशन (Outreach Session) को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे के संकट से जूझ रही है. इस मीटिंग पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) के बगल में बैठे थे. उन्होंने समुद्री रास्तों की सुरक्षा और यह पक्का करने पर जोर दिया कि समुद्री नाविक बिना किसी डर के अपना काम कर सकें. हाल ही में अमेरिका-ईरान के बीच हुए टकराव में तीन भारतीय नाविकों की मौत की तरफ इशारा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग समुद्र के रास्ते ग्लोबल ट्रेड को जारी रखते हैं, उनकी सुरक्षा की जानी चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी बुधवार यानी आज फ्रांस में G-7 बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करेंगे. मीटिंग में पश्चिम एशिया के हालात, होर्मुज स्ट्रेट और अमेरिका से ऊर्जा आयात जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. भारत और अमेरिका लंबे वक्त की ऊर्जा साझेदारी के लिए उत्सुक हैं. ट्रेड डील अंतिम चरण में है और अगले कुछ हफ्तों में इस पर काम पूरा होने की उम्मीद है।
ऑपरेशन सिंदूर और भारत पर भारी टैरिफ लगाने के वॉशिंगटन के फैसले के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में आई खटास के बाद ट्रंप और मोदी के बीच यह पहली आमने-सामने की बातचीत होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 17 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में कई अहम बैठकों और सत्रों में हिस्सा लेंगे. भारतीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक वह G7 के वर्किंग सेशन में शामिल होंगे, जिसका विषय ‘सभी के लाभ के लिए संतुलित, समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास को पुनर्जीवित करना’ है.
इसके बाद दोपहर 12:40 बजे से 3:05 बजे तक प्रधानमंत्री मोदी यूरोपीय परिषद (EU Council) के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग (European Commission) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ त्रिपक्षीय बैठक करेंगे. दोपहर 3:00 बजे से 3:20 बजे तक उनकी जर्मनी के साथ द्विपक्षीय बैठक निर्धारित है. इसके बाद 3:35 बजे से शाम 5:35 बजे तक प्रधानमंत्री ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सुरक्षित, तेज और प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने’ मुद्दे पर आयोजित वर्किंग लंच में हिस्सा लेंगे. दिन के आखिर में शाम 5:20 बजे से 5:50 बजे तक प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी, जिस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास नजर रहेगी.
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की बैठक के एजेंडे में वेस्ट एशिया का संकट प्रमुख मुद्दा रहेगा, लेकिन भारत-अमेरिका की आगामी ट्रेड डील पर भी बातचीत होगी. दोनों नेताओं के बीच व्यापार समझौता चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय होगा. समझौते से जुड़े ज्यादातर तकनीकी और प्रक्रियागत काम पहले ही पूरे किए जा चुके हैं. भारत 12,000 से ज्यादा टैरिफ लाइनों पर व्यापार करता है और प्रस्तावित व्यापार समझौता लगभग 11,000 टैरिफ लाइनों को कवर करता है. बाजार से जुड़े ज्यादातर तकनीकी पहलुओं पर सहमति बन चुकी है.
वहीं, ऊर्जा सुरक्षा भी बैठक का एक अहम मुद्दा रहेगी. पिछले एक साल में अमेरिका से भारत के ऊर्जा आयात में करीब 60 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. रूस से तेल आयात को लेकर जो मौजूदा छूट है, वह बुधवार को खत्म हो रही है. ऐसे में यह साफ नहीं है कि आगे क्या फैसला लिया जाएगा. वैसे, प्रतिबंध पूरे रूस पर नहीं बल्कि कुछ विशेष कंपनियों पर लगाए गए हैं. वहीं, कई ऐसी कंपनियां भी हैं जो प्रतिबंधों के दायरे में नहीं हैं. भारत इनमें से कुछ कंपनियों से तेल खरीद रहा है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved