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इंदौर: महावीर नगर में गंदे पानी का बोरिंग किया बंद

June 17, 2026

अब पानी की व्यवस्था के लिए दो टैंकर लगाए, आज होगा नया बोरिंग

इंदौर। छोटा बांगड़दा (Chhota Bangarda) के पास स्थित महावीर नगर (Mahavir Nagar.) कॉलोनी के गंदा पानी (Dirty water) देने वाले बोरिंग ( borewell ) को नगर निगम द्वारा बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही वहां दो टैंकर के माध्यम से पानी देने की व्यवस्था की गई है। आज इस कॉलोनी में नया बोरिंग किया जा रहा है। अग्निबाण द्वारा कल महावीर नगर में गंदा पानी आने से 10 से ज्यादा लोगों के बीमार हो जाने का समाचार प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया था। इस समाचार के छपने के बाद सरकारी अमला जागा।

नगर निगम के अपर आयुक्त आशीषकुमार पाठक मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इसके बाद फिर निगम के नर्मदा परियोजना विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। इस टीम द्वारा गंदा पानी देने वाले बोरिंग को बंद करने का काम किया गया। इसके साथ ही निगम के ड्रेनेज विभाग की टीम मौके पर आई और ड्रेनेज लाइन के चेंबर को साफ करने का काम किया। सभी चेंबर चोक और गंदगी से भरे हुए थे।



  • पाठक ने बताया कि जिस बोरिंग का पानी पीने से लोग बीमार हो गए उस बोरिंग के पानी के उपयोग को प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह स्थान वार्ड क्रमांक 16 में आता है और यह बड़ा वार्ड है। इस वार्ड में नगर निगम द्वारा जो टैंकर दिए गए थे उनके माध्यम से जल की आपूर्ति बराबर नहीं हो पा रही थी। ऐसी स्थिति में केवल महावीर नगर के लिए अलग से दो टैंकर दे दिए गए हैं। इस क्षेत्र में नर्मदा की लाइन नहीं है और लोग पूरी तरह बोरिंग के पानी पर ही निर्भर हैं। ऐसे में नगर निगम द्वारा यहां नया बोरिंग करने का फैसला लिया गया है। आज ही नया बोरिंग करने के लिए काम शुरू किया जा रहा है। निगम के अधिकारियों ने दावा किया कि अब महावीर नगर में स्थिति नियंत्रण में है। निगम द्वारा पूरी कॉलोनी का सर्वे भी कर लिया गया है। यह क्षेत्र 13 साल पहले इंदौर नगर निगम की सीमा में शामिल हुआ था। निगम द्वारा अमृत 2.0 के तहत काम करने के लिए जो योजना बनाई गई है उसमें इस क्षेत्र में भी नर्मदा की लाइन डाली जाएगी और नर्मदा का पानी घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।

    स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिए खून के नमूने, बांटी दवाई
    महावीर नगर में लोगों के बीमार हो जाने की सूचना प्राप्त होते ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) को मौके पर भेजा गया। टीम द्वारा क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण एवं स्वास्थ्य सर्वेक्षण किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधवप्रसाद हासानी ने बताया कि जांच के दौरान स्थानीय स्तर पर 15 से 20 लोगों में उल्टी-दस्त जैसे लक्षण होने संबंधी जानकारी प्राप्त हुई, जिनके रक्त नमूने लिए गए। स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र में ओआरएस के पैकेट एवं क्लोरीन की गोलियों का वितरण किया। साथ ही लगभग 85 घरों का सर्वेक्षण कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एकत्र की गई। इस दौरान एक शिशु के चाचा नेहरू अस्पताल में भर्ती होने की सूचना प्राप्त हुई। जांच में पाया गया कि उक्त शिशु किसी अन्य बीमारी से ग्रसित है तथा उसका उपचार अस्पताल में निरंतर जारी है।

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