
बंदर के हाथों में उस्तरा दो तो वह पूरे गांव की हजामत बना डालता है… दोष उस्तरे का नहीं उन लोगों का होता है, जिसने बंदर को उस्तरा थमाया और गंजे होने का संताप पाया… यही आलम अमेरिकियों का है, जिन्होंने सनकी ट्रंप को सत्ता में बैठाया और अपने देश की नाक को कटवाया… बंद मु_ी का खोखलापन दिखाया… खोखली धमकियों से दुनिया को डराने वाले अमेरिका की यह अब तक की सबसे बड़ी हार है… वैसे भी अमेरिका आज तक कभी भी नहीं जीता… उसे इराक ने झडक़ाया, धमकाया और हराया…वह अफगानिस्तान जैसे छोटे से मुल्क से भी 20 साल तक लडक़र जीत नहीं पाया… वियतनाम में भी दो दशक तक जंग के बाद सर झुकाया… ईरान ने तो उसे मात्र 108 दिनों में ही धूल चटा दी… उसकी हार का कारण उसका अहंकार और लालच रहा… वो अफगान में घुसा या ईराक में… दोनों का तेल भंडार चुराना चाहता था… वो ईरान को अपनी ताकत दिखाना चाहता था… वो इजराइल को बंधुआ बनाना चाहता था…वो जहां गया वहां से खाली हाथ लौटा… लेकिन इस बार तो उसे घुटनों के बल लौटना पड़ा…ट्रंप धमकियां बरसाते रहे और ईरान अंगूठा दिखाता रहा…ट्रंप शर्तें भिजवाते रहे और वो आंख दिखाता रहा… अमेरिका को न यूरेनियम मिला और न ही जीत का तमगा…उलटा उसे अरबों डालर का लालच देना पड़ा…फ्रीज संपत्तियां छोडऩे पर मजबूर होना पड़ा… निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाना पड़े… रक्षा-सुरक्षा की गारंटी लेना पड़ी… और तो और अपनी सेना हटाने, सैन्य जवान लौटाने और भविष्य में भी ऐसी हरकतें नहीं दोहराने के लिए कान पकडऩा पड़े…ट्रंप ने पूरे अमेरिका को ही नहीं लजवाया, बल्कि उससे डरने वाले और उसे ताकतवर जानकर शरण लेने वाले देशों को भी अपने फुस्सी होने का प्रमाण दे डाला… जो देश उसे डॉन मानते थे… हफ्ता देकर सुरक्षा मांगते थे… अपने देशों में एयरबेस बनाकर युद्ध की आशंकाओं से मुक्त हो जाते थे, उन सभी देशों को ईरान ने इस तरह पटक-पटककर मारा कि अमेरिका डॉन के बजाय पान की दुकान नजर आया…सऊदी अरब से लेकर दुबई, कतर तक में ईरान की मिसाइलों ने इतने छेद कर दिए कि उन्हें पैर जमाने में और दुनिया से विश्वास पाने में बरसों लग जाएंगे… और तो और जिस इजराइल का हाथ पकडक़र अमेरिका युद्ध में कूदा उसने ही पल्ला झाडक़र ट्रंप के समझौतों को ठुकरा दिया… लालची ट्रंप को यह कयामत इसलिए झेलना पड़ी कि उसने पूरी दुनिया को कभी टैरिफ के नाम पर तो कभी वीजा नियमों के नाम पर छकाया… वेनेजुएला जैसे देश के तेल भंडार पर कब्जा करने के लिए राष्ट्रपति को कैद कर सत्ता पर कब्जा जमाया… मस्क जैसा जो दोस्त ट्रंप को सत्ता में लाया, उसे ही अपना दुश्मन बनाया और अपने आपको ज्ञानवान, बुद्धिमान और अकलमंद समझने वाले अमेरिकियों को मातम में डुबाया और यह समझाया कि उस्तरा बंदर के हाथों में नहीं देना चाहिए…
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved