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इंदौर मेट्रो को तीन माह के लिए मिली सुरक्षा अनुमति आज समाप्त

June 24, 2026

अब नए सिरे से लेना पड़ेगी साढ़े 17 किलोमीटर में व्यवसायिक संचालन के लिए ईएमआरसी से एनओसी, प्रधानमंत्री से लोकार्पण के चलते आगे बढ़ाना पड़ी तारीख

इंदौर। लेटलतीफी का शिकार इंदौर मेट्रो ( Indore Metro) को अभी गांधी नगर (Gandhi Nagar) से रेडिसन (Radisson) तक के साढ़े 17 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated Corridor) पर दौड़ाया जाना था। मगर प्रधानमंत्री (PM) से इसका लोकार्पण करवाने के चलते तारीख आगे बढ़ाना पड़ी। मगर इस चक्कर में ईएमआरसी से तीन माह के लिए दी एनओसी आज समाप्त हो जाएगी और फिर मेट्रो कॉर्पोरेशन को नए सिरे से इसकी प्रक्रिया शुरू करना पड़ेगी। कमिश्रर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी ने व्यवसायिक संचालन की जो एनओसी दी थी उसकी वैधता अवधि आज 24 जून तक के लिए ही थी और यही कारण है कि पहले जून से 21 जून से यात्री संचालन शुरू करना तय किया गया था।


  • एक तरफ कैबिनेट ने मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बड़ी हुई राशि मंजूर की, तो दूसरी तरफ खजराना चौराहा से रेलवे स्टेशन के बीच अंडरग्राउंड रुट रहेगा, उसके चलते सर्वे के बाद अब टेंडर जारी करने की तैयारी की जा रही है। पूर्व में रेलवे स्टेशन से लेकर एमजी रोड, राजवाड़ा, बड़ा गणपति होते हुए एयरपोर्ट तक के लिए लगभग 2200 करोड़ रुपए का टेंडर मंजूर किया जा चुका है, जिस पर एयरपोर्ट की ओर से अंडरग्राउंड रुट तैयार करने की तैयारी भी कॉर्पोरेशन ने कर ली है और जल्द ही टनल बोरिंग मशीन इंदौर बुलवाई जाएगी, जिससे जमीन के भीतर अंडरग्राउंड रुट बनना शुरू होगा। इसके साथ ही मेट्रो कॉर्पोरेशन ने बड़ा गणपति से लेकर शिवाजी मार्केट और रीगल तिराहा सहित अन्य जगह मेट्रो स्टेशन का काम भी शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ गांधी नगर से लेकर रेडिसन तक साढ़े 17 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर पूरी तरह से यात्री संचालन के लिए तैयार है और अभी साढ़े 5 किलोमीटर के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर यह संचालन पिछले एक साल से टल भी रहा है। अब उसे बढ़ाकर रेडिसन चौराहा तक किया जाना है, जिसका लोकार्पण 20 जून को प्रस्तावित था, मगर अचानक यह जानकारी सामने आई कि प्रधानमंत्री को इसके लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जा रहा है, जिसके चलते तारीख आगे बढ़ाई गई अन्यथा 21 जून से यात्री संचालन शुरू हो जाता। अब एक समस्या मेट्रो कॉर्पोरेशन के सामने ईएमआरसी की एनओसी फिर से हासिल करने की फिर से रहेगी। चूंकि पूर्व में एनओसी मिल चुकी है और अभी रोजाना इस पूरे साढ़े 17 किलोमीटर के ट्रैक पर ट्रायल रन भी सफलतापूर्वक चल रहा है, जिसके चलते कॉर्पोरेशन का कहन ाहै कि अब एनओसी में उतनी समस्या नहीं आएगी और जल्द ही हासिल कर लेंगे। दरअसल, 3 माह की अवधि आज समाप्त हो जाएगी। हालांकि अब नए सिरे से एनओसी लेने में समस्या इसलिए नहीं आएगी क्योंकि एक साल से गांधी नगर से टीसीएस चौराहा के बीच साढ़े 5 किलोमीटर के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सफलतापूर्वक मेट्रो का संचालन किया जा रहा है और उसके बाद रेडिसन चौराहा तक के कुल साढ़े 17 किलोमीटर के हिस्से में भी पचासों मर्तबा सफल ट्रायल रन लिया जा चुका है और अभी भी रोजाना दिन में अथवा रात में मेट्रो कॉर्पोरेशन के अधिकारियों द्वारा ये ट्रायल रन लिया जाता है। दूसरी तरफ कॉर्पोरेशन का कहना है कि पिछले दिनों राज्य मंत्री मंडल ने इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट कुल स्वीकृत लागत राशि को संशोधित भी कर दिया,जो कि अब 19472.29 करोड़ रुपए हो गई है। इसके साथ ही अभी रोबोट से खजराना चौराहा के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर के विस्तार के साथ खजराना से रेलवे स्टेशन के बीच अंडरग्राउंड रुट के टेंडर तैयार करने की प्रक्रिया भी चल रही है।

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