
इंदौर। कांग्रेस ने देशभर में परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी के खिलाफ 40 दिवसीय “छात्रों की गूंज” अभियान आज से शुरू किया है। इस मुद्दे पर इंदौर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव अभिषेक दत्त द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार, (एनटीए) नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और विभिन्न भर्ती संस्थाओं पर छात्रों का भविष्य दांव पर लगाने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि एनटीए पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा कराने में विफल रही है, जबकि मध्यप्रदेश में व्यापमं से शुरू हुई परीक्षा अनियमितताओं की बीमारी अब राष्ट्रीय स्तर तक फैल चुकी है।
कांग्रेस द्वारा आयोजित इस अभियान के तहत जारी दस्तावेज में दावा किया गया है कि नीट-यूजी 2026 सहित कई परीक्षाओं में सामने आए विवादों ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त ने इंदौर में प्रेस वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली की खामियों और लगातार बढ़ते मानसिक दबाव के कारण देशभर में 21 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिसमें इंदौर की दो छात्राएं भी शामिल है। विशेष तौर पर जिक्र किया कि एक छात्र का परीक्षा सेंटर तो देश के बाहर अबुधाबी में बना दिया गया। वहीं दत्त ने मध्यप्रदेश की आकांक्षा और अवंतिका मौर्य का भी उल्लेख किया।
अभिषेक दत्त ने मांग की है कि पेपर लीक मामलों, कथित परीक्षा माफिया, संबंधित एजेंसियों और राजनीतिक संरक्षण के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही एनटीए, परीक्षा संचालन, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट और डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था का पूर्ण ऑडिट कराया जाए। कांग्रेस का कहना है कि जब राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं तो इसकी जवाबदेही तय होना जरूरी है, इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ना चाहिए। दत्त ने इस दौरान पिछले दस सालों में 89 पेपर लीक होने और करीब साढ़े छह करोड़ छात्रों के साथ धोखा किए जाने और गुजरात से पेपर लीक होने के भी आरोप लगाए।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved