img-fluid

किम जोंग उन का नया वॉर गेम, नॉर्थ कोरिया के नए युद्धपोत ने बरसाई मिसाइलें

July 05, 2026

नई दिल्ली: आज जहां ज्यादातर देश आधुनिक ड्रोन्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर वॉर सिस्टम्स पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, वहीं उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन पारंपरिक लेकिन बेहद आक्रामक नौसैनिक बेड़ा खड़ा करने में जुटे हैं. हाल ही में किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया के नए विध्वंसक ‘कांग कोन’ के डेक से क्रूज मिसाइल परीक्षणों का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया, जो स्पष्ट संकेत है कि प्योंगयांग अपनी समुद्री मारक क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए बेताब है.

‘कांग कोन’ विध्वंसक का समुद्र में उतरना उत्तर कोरियाई नौसेना के लिए केवल एक सैन्य परीक्षण नहीं, बल्कि एक बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत भी है. यह वही युद्धपोत है जो पिछले साल अपने लॉन्चिंग समारोह के दौरान एक गंभीर तकनीकी फेल्योर का शिकार हो गया था. बंदरगाह पर ही आंशिक रूप से पलट गया था. इस घटना पर किम जोंग उन ने भारी नाराजगी व्यक्त की थी और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी. रिकॉर्ड समय में इसकी मरम्मत की गई और इसे फिर से समुद्र में उतारा गया. किम जोंग उन ने अब बिना किसी ढिलाई के इस पोत को अगले 2 महीनों के भीतर पूरी तरह से युद्ध के लिए तैयार करने का अल्टीमेटम दिया है.


  • किम का ‘फाइव-ईयर प्लान’ और विशाल युद्धपोत
    किम जोंग उन केवल एक या दो जहाजों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं. उनकी नौसैनिक योजनाएं बेहद आक्रामक और लंबे समय की योजना हैं. किम ने रक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अगले 5 वर्षों तक हर साल इस श्रेणी (Choe Hyon-class) के दो नए विध्वंसक जहाजों का निर्माण करें.

    नॉर्थ कोरिया के पाइपलाइन में 10,000 टन वर्ग के महाविशाल युद्धपोतों का निर्माण भी शामिल हो चुका है. नॉर्थ कोरिया अपनी नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है. हाल ही में परीक्षण की गई क्रूज मिसाइलें परमाणु पेलोड ले जाने में सक्षम बताई जा रही हैं, जो सीधे तौर पर दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिकी नौसैनिक ठिकानों के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर सकती हैं.

    ड्रोन युग में पारंपरिक नौसेना पर दांव क्यों?
    आज के आधुनिक युद्धक्षेत्र में जब यूक्रेन-रूस युद्ध से लेकर मिडिल ईस्ट के संघर्षों तक में रिमोट-कंट्रोल ड्रोन्स और एंटी-शिप मिसाइलों का बोलबाला है, तब किम जोंग उन का भारी-भरकम विध्वंसक जहाजों पर अरबों डॉलर खर्च करना दुनिया को हैरान करता है. इसके पीछे नॉर्थ कोरिया की दो प्रमुख रणनीतियां हैं.

    पहली- समुद्री क्षेत्रों में अपनी संप्रभुता का दिखावा करना. अमेरिका समर्थित दक्षिण कोरियाई नौसेना को सीधे टक्कर देना. दूसरी- किम जोंग उन अपनी नौसेना को हमेशा से अपनी सेना का सबसे कमजोर हिस्सा मानते आए हैं. वे इस अंतर को जल्द से जल्द पाटकर खुद को एक संपूर्ण परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में स्थापित करना चाहते हैं, जिसके पास जमीन, हवा और समुद्र तीनों मोर्चों पर हमला करने की ताकत हो.

    Share:

  • भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा को नई ताकत दे रही हैं दूरस्थ क्षेत्रों से आई महिलाएं - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    Sun Jul 5 , 2026
    सानंद । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा को (To India’s Semiconductor Journey) दूरस्थ क्षेत्रों से आई महिलाएं (Women from Remote Areas) नई ताकत दे रही हैं (Are lending New Strength) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर उद्योग […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved