
अयोध्या। राम मंदिर (Ram Mandir) में चढ़ावे के गबन मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी अविनाश शुक्ला (Avinash Shukla) से जुड़ी कई नई जानकारियां मिली हैं। पूछताछ में सामने आया है कि वह चढ़ावे के पैसों से परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों पर खुलकर खर्च कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक उसने पुलिस हिरासत में स्वीकार किया कि परिवार और करीबियों पर उसने लगभग 19 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च किए।
जांच में पता चला है कि अविनाश शुक्ला ने अपने एक भाई की शादी के लिए करीब 6 लाख रुपये दिए थे, जबकि दूसरे भाई को भी 5 से 6 लाख रुपये की आर्थिक मदद की। इसके अलावा उसने करीब 3.5 लाख रुपये की कीमत वाली एक कार भी खरीदी।
सूत्रों के अनुसार आरोपी ने अपने एक दोस्त के खाते में करीब 2.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए और उसे एक महंगा मोबाइल फोन भी उपहार में दिया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि कई अन्य लोगों को भी अलग-अलग समय पर छोटी-छोटी रकम बांटी गई थी।
पुलिस ने अविनाश शुक्ला के पास से 20.39 लाख रुपये नकद, 1121 अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के आभूषण, अन्य कीमती सामान और एक एसयूवी बरामद की है।
उधर, सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे चुके चंपत राय की ट्रस्ट से विदाई लगभग तय मानी जा रही है। इस्तीफा दे चुके ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा के भी ट्रस्ट से बाहर होने की संभावना जताई जा रही है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बैठक में दोनों नेताओं के इस्तीफों पर फैसला लिया जाना है। चंपत राय और अनिल मिश्रा ने 26 जून को अपने पद से इस्तीफा दिया था, जिसकी पुष्टि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने 27 जून को की थी। दोपहर 3 बजे प्रस्तावित बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है।
मंदिर प्रबंधन और चढ़ावे की राशि की गणना की जिम्मेदारी चंपत राय और अनिल मिश्रा के पास होने के कारण दोनों शुरुआत से ही सवालों के घेरे में रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट इस मामले में अपनी छवि पर लगे दाग को देखते हुए इस्तीफों पर फैसला लेकर एक स्पष्ट संदेश देना चाहता है, क्योंकि चढ़ावा गबन प्रकरण के बाद लगातार ट्रस्ट पर सवाल उठ रहे हैं।
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