
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की मोहन यादव सरकार (Mohan Yadav Government) ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम-2025 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड (State Waqf Board) का पुनर्गठन करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस नए गठन में दो हिंदू सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम यानी हिंदू प्रतिनिधियों को जगह दी गई है। इस संबंध में आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
बोर्ड में दो हिंदू सदस्य शामिल
अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार ने रविवार को 10 सदस्यीय मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया। इसमें मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव को हिंदू सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। बोर्ड का अध्यक्ष सनवर पटेल को नियुक्त किया गया है। नए प्रावधानों के तहत गठित यह वक्फ बोर्ड देश का पहला राज्य स्तरीय बोर्ड बन गया है जिसमें हिंदू सदस्यों को औपचारिक रूप से शामिल किया गया है।
अधिनियम के तहत हुआ पुनर्गठन
यह पुनर्गठन वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित 2025) की धारा 13(1) में दिए गए प्रावधानों के तहत किया गया है। सरकार ने धारा 14 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह नई संरचना लागू की है।
क्या होता है वक्फ बोर्ड?
वक्फ बोर्ड एक वैधानिक संस्था है, जो राज्य में मौजूद वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और संरक्षण का कार्य करती है। इसका मुख्य उद्देश्य इन संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार करना, उनकी निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना है कि उनका उपयोग धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण के कार्यों में हो। साथ ही यह संस्था वक्फ संपत्तियों को अवैध कब्जों से बचाने का भी काम करती है।
शिवपुरी में रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा
इसी बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिवपुरी में एक रक्षा निर्माण इकाई का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि अब मध्य प्रदेश में बनी मिसाइलें दुश्मनों को जवाब देने में सक्षम होंगी। यह परियोजना अडाणी समूह की सहायक कंपनी अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस द्वारा विकसित की जा रही है। करीब 2,500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस यूनिट से लगभग 5,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उपस्थित रहे।
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