
लखनऊ. अयोध्या (Ayodhya) के श्रीराम मंदिर (Shri Ram Temple) में चढ़ावा चोरी (donation theft )सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को बैठक है. चंदा चोरी मामला सामने आने के बाद से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai ) और सदस्य अनिल मिश्रा (Anil Mishra) अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं, जिनके त्यागपत्र ट्रस्ट की बैठक में स्वीकार किया जा सकता है. सूत्रों की माने ने चंपत राय और अनिल मिश्रा की ट्रस्ट से विदाई जय मानी जा रही?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बैठक में चंपत राय के ट्रस्ट महासचिव पद और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला लिया जा सकता है. ट्रस्ट के दोनों ही सदस्यों ने 26 जून को पद से इस्तीफा दिया था. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने 27 जून को इस्तीफे की पुष्टि की थी.
मंदिर प्रबंधन से लेकर चढ़ावे की रकम की गणना तक की जिम्मेदारी चंपत राय और अनिल मिश्रा की थी. इसलिए ये दोनों शुरू से ही सवालों के घेरे में हैं. सोमवार को होने वाली ट्रस्ट की बैठक का पहला एजेंडा दोनों पदाधिकारियों के इस्तीफे पर विचार करना शामिल है.
चंपत राय और अनिल मिश्रा की ट्रस्ट से विदाई तय
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में सोमवार को दोपहर बाद तीन बजे से श्रीराम मंदिर ट्रस्ट की बैठक होगी. इसको लेकर हर तरफ सरगर्मी है.सूत्र बताते हैं चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफा स्वीकार करने के साथ ट्रस्ट के बड़ा मैसेज भी देना चाहता है. इसके पीछे की वजह मामले में ट्रस्ट की छवि धूमिल होना है. एक के बाद एक कई आरोप अभी भी लग रहे हैं.
ट्रस्ट के सदस्यों का दो तिहाई बहुमत जो निर्णय लेगा, वही मान्य होगा। चंपत राय और अनिल मिश्रा को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी इसका हिस्सा है। दोनों पदाधिकारियों को अपना अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा. उसके बाद ट्रस्ट अपना निर्णय सुनाएगा.
गोपाल राव पर भी लटकी एक्शन की तलवार
ट्रस्ट की बैठक हर तीसरे माह होती है. बैठकों में निर्माण सहायक गोपाल राव बतौर आमंत्रित सदस्य शामिल होते रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि चूंकि मामले में गोपाल राव पर भी लगतार सवाल उठे है. लिहाजा, उन्हें शायद इस बार बैठक में शामिल नहीं किया जाएगा, हालांकि, इसकी पुष्टि सोमवार को ही होगी.
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट की बैठक में इस्तीफे के एजेंडे के अलावा अन्य बिंदु भी शामिल हैं. बैठक में न्यास के दान-पात्रों से प्राप्त राशि की गणना के संबंध में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट रखी जाएगी, आगामी मंदिर प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाओं पर विचार होगा. इसके अलावा वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिट संबंधी जानकारी रखने के साथ ही कई चीजों की स्वीकृति भी दी जाएगी.
राम मंदिर में ट्रस्ट की बैठक होने के मायने
पहली बार ट्रस्ट की बैठक राम मंदिर परिसर में होगी. इससे पहले अयोध्या धाम के मणिराम दास छावनी में बैठकें होती रही हैं.चर्चा है कि इस बार चढ़ावा चोरी की वजह से बैठक पर हर किसी की निगाहें हैं. इसलिए गोपनीयता बरतते हुए मंदिर परिसर में बैठक होगी.
इस बीच स्वामी गोविंद देव गिरि, कोषाध्यक्ष, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. सभी को एसआईटी, पुलिस और न्यायालय पर विश्वास रखना चाहिए. दोषी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो उसे दंड मिलना चाहिए.
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