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जब अस्पताल के बिस्तर से मीना कुमारी ने गुलजार को दी थीं अपनी डायरियां, अमर हो गई दोस्ती

July 07, 2026

नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा(Hindi cinema) की ‘ट्रेजडी क्वीन'(Tragedy Queen) कही जाने वाली मीना कुमारी(Meena Kumari) अपनी दमदार अदाकारी के साथ-साथ संवेदनशील शायरी के लिए भी जानी जाती थीं। पर्दे पर दर्द को जीवंत करने वाली मीना कुमारी की निजी जिंदगी भी अकेलेपन और संघर्षों से भरी रही। उनके जीवन के अंतिम दिनों से जुड़ा एक भावुक किस्सा आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय है।

शायरी ने जोड़े थे मीना और गुलजार

मीना कुमारी की शादीशुदा जिंदगी में दूरियां बढ़ने लगी थीं। इसी दौर में फिल्म ‘बेनजीर’ के दौरान उनकी मुलाकात लेखक, गीतकार और फिल्मकार गुलजार से हुई। दोनों के बीच साहित्य, कविता और शायरी को लेकर गहरा जुड़ाव बना। गुलजार ने मीना कुमारी के भीतर छिपी कवयित्री को पहचानते हुए उन्हें लगातार लिखने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे यह रिश्ता आपसी सम्मान, संवेदनाओं और शब्दों की दुनिया में गहरी दोस्ती में बदल गया।

गंभीर बीमारी के बीच भी निभाया काम का वादा

जीवन के अंतिम वर्षों में मीना कुमारी लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। इसके बावजूद उन्होंने अपने पेशेवर दायित्व निभाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। खराब स्वास्थ्य के बावजूद उन्होंने गुलजार की पहली निर्देशित फिल्म ‘मेरे अपने’ की शूटिंग पूरी की।

आखिरी वक्त की सबसे अनमोल सौगात

31 मार्च 1972 को मीना कुमारी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। कहा जाता है कि अस्पताल में अपने अंतिम दिनों के दौरान उन्होंने अपनी सबसे प्रिय धरोहर अपनी निजी डायरियां गुलजार को सौंप दी थीं। इन डायरियों में उनकी लिखी नज्में, गजलें और निजी भावनाएं दर्ज थीं। मीना कुमारी का विश्वास था कि उनके शब्दों की असली अहमियत अगर कोई समझ सकता है, तो वह गुलजार ही हैं।

गुलजार ने निभाया भरोसा

मीना कुमारी के निधन के बाद गुलजार ने उनकी डायरियों को सहेजकर रखा और बाद में उनकी रचनाओं को पुस्तक के रूप में प्रकाशित कराया। इन प्रकाशित रचनाओं ने दुनिया को यह बताया कि मीना कुमारी सिर्फ एक महान अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि बेहद संवेदनशील और प्रतिभाशाली शायरा भी थीं।


  • आज भी उनकी कविताएं और नज्में पाठकों के बीच उतनी ही लोकप्रिय हैं, जितनी उनकी फिल्में दर्शकों के बीच हैं। मीना कुमारी और गुलजार की यह दोस्ती हिंदी सिनेमा और साहित्य की दुनिया में विश्वास, सम्मान और संवेदनाओं की एक अनूठी मिसाल मानी जाती है।

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