
नई दिल्ली: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से एक भारतीय टैंकर को ईरान ने वापस भेज दिया है. ईरानी सेना ने इस इंडियन टैंकर को होर्मुज पार नहीं करने दिया. ईरान की न्यूज एजेंसी फार्स ने इसकी जानकारी दी है. इससे पहले मंगलवार को होर्मुज में भारत आ रहे एक टैंकर पर हमला हुआ था. अमेरिका की ओर से ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट पर ताजा हमले और इसके जवाब में बहरीन और कुवैत पर किए गए ईरानी हमले के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव फिर बढ़ गया है.
ईरान की न्यूज एजेंसी ने कहा है कि कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान के कॉरिडोर से गुजर रहे एक भारतीय तेल टैंकर को वापस भेज दिया गया है. ये इंडियन टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ओमानी कॉरिडोर का इस्तेमाल करके होर्मुज क्रॉस कर रहा था. लेकिन इस पर ईरानी सेना ने विरोध जताया, इसके बाद इस टैंकर को वहां से लौटने कहा गया.
24 जून को ओमान और UN की इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन ने ओमान के तट के पास जलडमरूमध्य में एक अस्थायी कॉरिडोर की घोषणा की थी. खाड़ी में फंसे जहाजों को निकालने के लिए बनाए गए इस कॉरिडोर की देखरेख अमेरिका करेगा. फ़ार्स ने कहा कि ईरान का इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स रेडियो कम्युनिकेशन के ज़रिए उन जहाजों को चेतावनी देता रहता है जो ओमान कॉरिडोर का इस्तेमाल कर रहे हैं. IRGC ऐसे जहाजों को आदेश देते हैं कि वे ओमान कॉरिडोर के बजाय ईरान द्वारा तय किए गए कॉरिडोर का इस्तेमाल करें.
फ़ार्स ने कहा कि जहाज ट्रैकिंग से पता चला है कि बुधवर सुबह होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रे सभी जहाजों ने ईरान द्वारा मंज़ूर किए गए कॉरिडोर का ही इस्तेमाल किया. इससे पहले मंगलवार को कतर से LNG लेकर भारत आ रहे एक जवाब पर हमला हुआ था. जानकारी के मुताबिक कतर का यह जहाज एलएनजी लेकर भारत के गुजरात आ रहा था, तभी होर्मुज से गुजरते समय ड्रोन हमले की चपेट में आ गया. इस जहाज पर कुल 29 क्रू सवार थे, जिनमें चार भारतीय सवार थे. चालक दल के सदस्यों समेत सभी क्रू सुरक्षित बताए जाते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक ड्रोन हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई थी.
इस बीच मंगलवार को सऊदी अरब के जिस टैंकर पर होर्मुज में हमला हुआ था, उसके क्रू सुरक्षित हैं. सऊदी अरब की नेशनल शिपिंग कंपनी बहरी का कहना है कि कार्गो सुरक्षित है और जहाज समुद्र में चलने लायक स्थिति में है. यह बयान बुधवार को तब आया जब अमेरिकी सेंट्रल कमांडने ‘वाडियान’ और दो अन्य कमर्शियल जहाजों – M/T अल रेकायत और M/T साइप्रस प्रॉस्पेरिटी पर हुए हमलों के जवाब में ईरानी ठिकानों पर हवाई हमले करने की घोषणा की.
CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सेना ने सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों का इस्तेमाल करके 80 से ज़्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इनमें ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार साइटें और एंटी-शिप मिसाइल क्षमताएं शामिल थीं. इन हमलों में जलडमरूमध्य और उसके आसपास काम कर रही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नेवी की 60 से ज़्यादा तेज़ हमला करने वाली नावें भी नष्ट हो गईं. CENTCOM ने कहा कि इस ऑपरेशन का मकसद ईरान की उस क्षमता को कम करना था, जिसके ज़रिए वह अहम व्यापारिक रास्ते पर अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले जारी रखता है. इसके बाद ईरान ने बुधवार को कुवैत और बहरीन पर हमला किया था.
ट्रंप के बयान से और बढ़ा टेंशन
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान से तनाव और बढ़ गया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्धविराम “खत्म” हो गया है. उन्होंने ईरानी नेताओं को “बीमार मानसिकता वाले लोग” बताया. बुधवार को तुर्की की राजधानी अंकारा में NATO समिट के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान के साथ युद्धविराम खत्म हो गया है, तो उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह खत्म हो गया है. मैं अब उनसे कोई लेना-देना नहीं रखना चाहता, वे घटिया लोग हैं.” “वे घटिया और बीमार मानसिकता वाले लोग हैं, उनका नेतृत्व भी बीमार मानसिकता वाले लोग ही करते हैं, और वे क्रूर व हिंसक लोग हैं. और अगर उनके पास परमाणु हथियार होता, तो वे उसका इस्तेमाल ज़रूर करते.”
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