
बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट (Balaghat, Madhya Pradesh) से रिश्तों को तार-तार करती और खाकी की सुस्ती पर सवालिया निशान खड़ा करती एक खबर सामने आई है। यहां एक कलयुगी पिता अपनी दूसरी शादी की हवस और लालच में इस कदर अंधा हो गया कि उसने अपने ही खून, यानी सगे बेटा-बेटी को दर-दर की ठोकरें खाने के लिए घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया। न्याय की आस खो चुके ये बेबस भाई-बहन जब अपनी फरियाद लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे तो उनके मुंह से निकली दास्तान सुनकर अफसरों के भी पैरों तले जमीन खिसक गई।
कलेक्ट्रेट पहुंचे भाई-बहन; बोले- हमारी मां की हत्या हुई थी!
जनसुनवाई में अपनी 12 साल की मासूम नाबालिग बहन का हाथ थामकर पहुंचे साकेत बघेल ने अपने पिता संतोष बघेल, 5 बुआ और फूफाओं पर जो गंभीर आरोप लगाए हैं वो जानकर किसी भी शख्स की रूंह कंपाने के लिए काफी है।
हत्या का खौफनाक राज: पीड़ित साकेत ने आरोप लगाया कि मार्च 2021 में उसके पिता, बुआ और फूफा ने मिलकर उसकी मां प्रेमलता बघेल के साथ बर्बरता से मारपीट की थी और उन्हें कुएं में फेंककर मार डाला था। हंसिए की नोंक पर रखा चुप: इस खौफनाक वारदात को दबाने के लिए कलयुगी बाप ने अपनी ही मासूम बेटी की गर्दन पर हंसिया रख दी थी और जान से मारने की धमकी देकर दोनों बच्चों का मुंह बंद करा दिया था।
घर छीना, अब रोजी-रोटी पर भी संकट!
मां की मौत के बाद बच्चों पर जुल्मों का पहाड़ टूट पड़ा। दूसरी शादी करने पर आमादा पिता ने बच्चों को अपनाने से साफ इनकार कर दिया:
घर से खदेड़ा: बीते मार्च में इन मासूमों को मारपीट कर गांव भिमोड़ी से बाहर निकाल दिया गया, जिसके बाद ये दोनों परसवाड़ा में रहने लगे।
गैरेज भी छीनने की कोशिश: पेट पालने के लिए साकेत परसवाड़ा में एक छोटा सा गैरेज चलाने लगा, लेकिन क्रूर पिता और फूफा वहां भी पहुंच गए। अब उन्हें गैरेज दुकान से भी खदेड़ा जा रहा है और दुकान तोड़ने की धमकी दी जा रही है। पिता सीधे तौर पर कहता है कि “तुम मेरी औलाद ही नहीं हो।”
नाबालिग बहन का दर्द: ‘पिता जहर देने की धमकी देते हैं’
कलेक्ट्रेट में खड़ी 12 साल की मासूम बहन की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उसने सिसकते हुए बताया कि उसका पिता उसे बहुत प्रताड़ित करता है और अक्सर जहर देकर मार डालने की धमकी देता है। मासूम ने दो टूक कहा कि मैं ऐसे कसाई पिता के साथ अब किसी भी हाल में नहीं रहना चाहती।
परसवाड़ा पुलिस की ‘कुंभकर्णी नींद’- पीड़ितों को दुत्कारा!
इस पूरी कहानी में सबसे शर्मनाक किरदार स्थानीय पुलिस का सामने आया है। पीड़ित भाई-बहन कलेक्ट्रेट आने से पहले परसवाड़ा थाने के चक्कर काट-काटकर थक चुके थे। साकेत ने जब अपनी मां की हत्या और खुद पर हो रहे टॉर्चर की शिकायत की, तो खाकी ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय यह कहकर उन्हें भगा दिया कि इतनी लंबी-चौड़ी शिकायत लेकर आ जाते हो! पुलिस के इसी लापरवाह और अमानवीय रवैये के चलते इन अनाथ बच्चों को कलेक्ट्रेट की चौखट पर आना पड़ा।
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