
जबलपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल उठाते हुए मध्य भारत मोर्चा ने नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक संजय सिंह के मामले में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है। मोर्चा का आरोप है कि मई 2022 में लोकायुक्त द्वारा 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने और एफआईआर दर्ज होने के बावजूद चार वर्ष बाद भी न तो अभियोजन स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी हुई और न ही विभागीय कार्रवाई निर्णायक स्थिति तक पहुंची है।
मोर्चा के पदाधिकारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। मध्य भारत मोर्चा के अध्यक्ष सौरभ यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति अपनाने का दावा करती है, लेकिन जिन अधिकारियों के खिलाफ लोकायुक्त जैसी एजेंसी कार्रवाई कर चुकी है, वे वर्षों बाद भी महत्वपूर्ण पदों पर बने हुए हैं। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी की सेवानिवृत्ति भी निकट है, ऐसे में यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इससे गलत संदेश जाएगा।
चार साल तक फाइल कहां अटकी?
ज्ञापन में मोर्चा ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। संगठन ने मांग की है कि यह सार्वजनिक किया जाए कि वर्ष 2022 से अब तक अभियोजन स्वीकृति की फाइल किन-किन अधिकारियों के पास लंबित रही और देरी के लिए कौन जिम्मेदार है। यदि किसी अधिकारी ने जानबूझकर कार्रवाई में विलंब किया है तो उसके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जाए।
समर्थन मूल्य खरीदी की स्वतंत्र जांच की मांग
मोर्चा ने नागरिक आपूर्ति निगम में समर्थन मूल्य पर धान, गेहूं और अन्य कृषि उपज की खरीदी से जुड़े मामलों की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि यदि भ्रष्टाचार के मामलों में समयबद्ध जांच और कार्रवाई नहीं होगी तो शासन की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहेंगे।
समय-सीमा तय करने की मांग
ज्ञापन में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में अभियोजन स्वीकृति और न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने के लिए अधिकतम समय-सीमा तय करने तथा उसका अनिवार्य पालन सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है। साथ ही लोकायुक्त द्वारा दर्ज लंबित भ्रष्टाचार प्रकरणों की राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा कर उनका समयबद्ध निराकरण कराने का आग्रह किया गया है। मोर्चा का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का विश्वास तभी मजबूत होगा, जब कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर न्यायिक और विभागीय स्तर पर भी समय पर निष्कर्ष तक पहुंचे। ज्ञापन सौंपने के दौरान मध्य भारत मोर्चा के अध्यक्ष सौरभ यादव के साथ दिलीप विश्वकर्मा, शोभित, सौरभ मिश्रा, निहाल, राजा बाबा, लक्की सोनी, सोहेल, आकाश, अमित सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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