img-fluid

बीमार बाघिन का इलाज करने में जुटे वेटरनरी के चिकित्सक

July 11, 2026

  • शरीर के कई हिस्सों में मिले चोट के निशान, संक्रमण रोकने आइसोलेट किया

जबलपुर। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के नौरादेही क्षेत्र में डेढ़ साल की एक बाघिन के गंभीर रूप से बीमार होने के बाद उसे इलाज के लिए जबलपुर स्थित स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ यानी वेटरनरी कॉलेज लाया गया है। इस बाघिन में जानलेवा कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के लक्षण पाए गए हैं, जिससे वन विभाग के अधिकारी सतर्क हो गए हैं। घायल बाघिन ने 2 दिन पहले ही वन विभाग के एक कर्मचारी पर हमला किया था, जिसके बाद से उसे रेस्क्यू करने का प्रयास किया जा रहा था। उसे पहले भोपाल ले जाने की योजना थी लेकिन संक्रमण के खतरे को देखते हुए जबलपुर शिफ्ट किया गया। फिलहाल वह डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में है और उसकी जांच के नमूने प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। रिजर्व के डायरेक्टर रजनीश सिंह और वेटरनरी कॉलेज की डायरेक्टर डॉ. शोभा जावरे ने फिलहाल इस मामले पर सीधे तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।



  • इस पूरी घटना के बाद से ही जिम्मेदारी को लेकर अधिकारियों के बीच सामंजस्य की कमी दिख रही है। नौरादेही टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर रजनीश सिंह ने केवल बाघिन को जबलपुर रेफर करने की बात को स्वीकार किया है, लेकिन आगे की मेडिकल स्थिति पर उन्होंने चुप्पी साधे रखी है। दूसरी ओर स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ की डायरेक्टर डॉ. शोभा जावरे ने भी इस मामले में कुछ भी बोलने से मना करते हुए इसे उच्च अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र का विषय बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की संक्रामक बीमारियों के मामलों में अधिकारियों को स्पष्टता रखनी चाहिए ताकि जनता के बीच भ्रम न फैले। फिलहाल पूरा वन अमला और पशु चिकित्सक बाघिन को स्वस्थ करने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।

    जानलेवा बीमारी के खतरे से जूझ रही बाघिन
    बाघिन की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। उसके पिछले पैरों में गंभीर सूजन देखी गई है और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में भी चोट के निशान पाए गए हैं। कैनाइन डिस्टेंपर वायरस का अंदेशा होने के कारण उसे पूरी तरह से आइसोलेशन में रखकर उपचार दिया जा रहा है। उसे तत्काल ड्रिप पर रखा गया है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो और दवाइयों का असर जल्द हो सके। वेटरनरी विशेषज्ञों की एक पूरी टीम उसके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है। पहले यह बाघिन नौरादेही के जंगलों में घूम रही थी, जहाँ से उसे सुरक्षित पकड़कर जबलपुर लाया गया। यह मामला वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से काफी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इस वायरस के फैलने की गति बहुत तेज होती है।

    Share:

  • ट्रेन की एसी बोगी से 15 तोला सोना चोरी, हड़कंप

    Sat Jul 11 , 2026
    मुंबई-गोरखपुर एक्सप्रेस में सुरक्षा के नाम पर धोखा, आरोपियों की तलाश जारी जबलपुर। मुंबई से गोरखपुर जा रही 15017 एलटीटी गोरखपुर एक्सप्रेस में सफर कर रही अनीता पाठक के साथ हुई लाखों की चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोल दी है। मुंबई की रहने वाली अनीता अपने परिवार के साथ कोच ए2 की सीट […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved