
नई दिल्ली: देश में आम मरीजों को दवाओं की मनमानी कीमतों से राहत देने के लिए नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी यानी NPPA ने एक बड़ा कदम उठाया है. अथॉरिटी ने ड्रग्स (प्राइसेस कंट्रोल) ऑर्डर यानी डीपीसीओ 2013 के तहत 39 नई दवाओं की खुदरा कीमत तय कर दी हैं. इनमें हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, दिल की बीमारियां, एचआईवी, आंखों के इंफेक्शन और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं. यह कदम इन दवाओं को मरीजों के लिए ज्यादा किफायती बनाने की इरादे से उठाया गया है.
फार्मास्युटिकल्स विभाग की तरफ से 8 जुलाई 2026 को यह मूल्य अधिसूचना जारी की गई, जिससे डीपीसीओ 2013 के पैराग्राफ 5,11 और 15 के तहत नोटिफाई किया गया है. हालांकि आपको बता दें कि यह आदेश पहले से बाजार में उपलब्ध दवाओं की कीमत घटाने के लिए नहीं, बल्कि नई दवा फॉर्मूलेशन की अधिकतम खुदरा कीमत तय करने के लिए जारी किया गया है. इन कीमतों पर लागू होने वाला जीएसटी अलग से लिया जाएगा.
एनपीपीए की ओर से जारी सूची में हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली Amlodipine+Bisoprolo+Telmisartan टैबलेट की खुदरा कीमत 14.74 रुपये प्रति टैबलेट तय की गई है. आंखों की सर्जरी के बाद और बैक्टीरिया संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाले Nepafenac+Moxifloxacin Ophthalmic Solution दवाओं की कीमत 68.64 रुपये प्रति मिलीलीटर तय की गई है. वहीं हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करने के लिए दी जाने वाली Clopidogrel+ Aspirin+Atorvastatin कैप्सूल की कीमत 6.37 रुपये प्रति कैप्सूल तय की गई है. लिस्ट में डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवाओं की कीमतें भी तय की गई है. इनमें Dapagliflozin, Empagliflozin, Sitagliptin, Metformin, Glimepiride और Voglibose आधारित दवाएं शामिल है.
इसके अलावा संक्रमण के इलाज में उपयोग होने वाली Amoxicilline+Clavulanate टैबलेट और डिस्पर्सिबल टैबलेट, ग्लूकोमा की इलाज में इस्तेमाल होने वाली आई ड्रॉप, एचआईवी थेरेपी किट, विटामिन डी3 ओरल सॉल्यूशन और कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली Imatinib Oral Solution जैसी दवाओं की कीमतें भी निर्धारित की गई है. इसके अलावा एनपीपीए की लिस्ट में सबसे महंगी दवाओं में Tenecteplase (TNK-tpa) Injection 50mg भी शामिल है. हार्ट अटैक के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इंजेक्शन की खुदरा कीमत 60,238.27 रुपये प्रति वायल तय की गई है.
एनपीपीए ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सभी रिटेलर और डीलरों के लिए निर्माता कंपनियों की तरफ से जारी की गई प्राइस लिस्ट अपने दुकान में साफ तौर पर लगाना अनिवार्य है. डीपीसीओ 2013 के पैरा 24 (4) का हवाला देते हुए अथॉरिटी ने कहा कि हर रिटेलर और डीलर को अपनी दुकान के ऐसे हिस्से में प्राइस लिस्ट और सप्लीमेंट्री प्राइस लिस्ट प्रदर्शित करनी होगी, जहां से इसे कोई भी ग्राहक आसानी से देख और जान सकेगा.
नोटिफिकेशन में यह भी साफ किया गया है कि अगर कोई निर्माता या मार्केटिंग कंपनी अधिसूचित खुदरा कीमत का पालन नहीं करती है तो उसे ज्यादा वसूली की गई रकम सहित सरकार के पास जमा करनी होगी. एनपीपीए के अनुसार अगर इन दवाओं की खुदरा कीमत इस आदेश और उसमें दिए गए नोटिस के मुताबिक तय नहीं की जाती, तो संबंधित कंपनी को डीपीसीओ 2013 और एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 के प्रावधानों के तहत ज्यादा वसूली गई रकम ब्याज के साथ जमा करनी होगी.
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