
नई दिल्ली । सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा (Dharmendra Pradhan’s resignation) लोकतंत्र और युवाओं के धैर्य की बड़ी जीत है (Is major Victory for Democracy and Patience of Youth) ।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने इस घटनाक्रम को भारत के लोकतंत्र और युवाओं के धैर्य की बड़ी जीत करार दिया है। सोनम वांगचुक ने देश के युवाओं और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रयासों की सराहना करते हुए लिखा-“यह लोकतंत्र की जीत है… सड़कों से निकला प्रत्यक्ष लोकतंत्र । यह शांति, धैर्य और निरंतरता की जीत है।” वांगचुक ने आगे देश की युवा पीढ़ी और आम जनता को डर का त्याग करने के लिए धन्यवाद दिया जेन जी और सीजेपी को बधाई: उन्होंने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवाओं, सीजेपी और देश की जेन जी पीढ़ी को बधाई देते हुए उनके शांतिपूर्ण संघर्ष को सराहा ।
उन्होंने कहा कि यह जीत इसलिए संभव हो सकी, क्योंकि देश के कोने-कोने से नागरिकों ने डर और ‘डर के माहौल’ को पीछे छोड़कर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई। उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक खुद लद्दाख और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर अहिंसक और शांतिपूर्ण अनशन/प्रदर्शनों के समर्थक रहे हैं। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद उनका यह बयान युवाओं के आंदोलन को एक बड़ा नैतिक और वैचारिक समर्थन माना जा रहा है।
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