
नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress President Mallikarjun Khadge) ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा (Dharmendra Pradhan’s Resignation) सत्य की जीत और पीएम मोदी के हठ की हार है (Is Victory for Truth and Defeat for PM Modi’s Obstinacy) ।
खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, भारत के ‘छात्रों की गूंज’ आखिरकार अहंकारी सत्ता की दहलीज तक पहुंच गई। ये हमारे करोड़ों युवाओं की जीत है, जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज उठाई। ये सत्य की जीत है और पीएम मोदी के हठ की हार है। ये उन सभी परिवारों की जीत है जिन्होंने अपने खून, अपने बच्चों को खोया, क्योंकि यह सरकार भ्रष्टाचारी है। ये साझा विपक्ष की जीत है, जिन्होंने छात्रों के हित में संसद से सड़क तक आवाज उठाई। अब बारी है पीएम मोदी को हमारी युवा पीढ़ी से माफी मांगने की और जिन्होंने उन पर लाठी-डंडे-पैलेट गन चलवाई, उन पर कठोर कार्यवाही करने की।
एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं ने लगातार 28 दिनों तक जो संघर्ष और दृढ़ संकल्प दिखाया, वह वाकई तारीफ के काबिल है। प्रदर्शनकारियों की लगातार मांग के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया है। यह लड़ाई, जो बिना डरे दमन के खिलाफ मजबूती से लड़ी गई और सरकार को अन्याय के खिलाफ नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने पर मजबूर किया, यह लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक है। यह देश में युवा शक्ति की एकता की एक बड़ी जीत है, साथ ही विपक्षी दलों के सभी सांसदों का भी दिल से शुक्रिया, जिन्होंने देश के युवाओं को नैतिक और संसदीय समर्थन दिया। मैं निश्चित रूप से यह कहना चाहूंगा कि देश में लोकतंत्र की जीत हुई है और इसका श्रेय निस्संदेह देश की युवा पीढ़ी को जाता है।
एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले ने एक्स पोस्ट में लिखा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, छात्रों और विपक्ष के लगातार दबाव के बाद ही आया है। मैं नीट यूजी मुद्दे पर डटे रहने वाले हर प्रदर्शनकारी को बधाई देती हूं, लेकिन यह अंत नहीं हो सकता। हम असल जवाबदेही, व्यापक शैक्षिक सुधार और संसद में नीट मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग करते हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने एक्स पोस्ट में कहा कि यह भारत के युवाओं की जीत है। आपकी ताकत ने धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया। यह जनता की जीत है, उन सभी लोगों की जीत है जिन्होंने हमारे सिस्टम में जवाबदेही के लिए लड़ाई लड़ी। जिस पल नीट का पेपर लीक हुआ, तभी से कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। विपक्ष एकजुट होकर जवाबदेही की एक ही मांग के साथ इस विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहा था।
हमारी अन्य मांगें हैं कि हमारे छात्रों पर हमला करने वालों को सजा मिले और छात्रों को जो परेशानियां झेलनी पड़ीं, उसके लिए पीएम माफी मांगें। हालांकि, शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए हमारा आंदोलन जारी रहेगा। जब तक हम सिस्टम में निष्पक्षता नहीं लाते, छात्रों पर दबाव कम नहीं करते और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार नहीं करते, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। देशभर के उन लाखों छात्रों को बहुत-बहुत सलाम जिन्होंने इस सरकार को अपनी इच्छा के आगे झुकने पर मजबूर किया और राहुल गांधी को भी, जो उनके मुद्दे के सबसे मुखर, सच्चे और प्रतिबद्ध समर्थक बने रहे।
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