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जानलेवा दरारें और गायब पट्टियां, रिस्की हुआ सफर

July 27, 2026

  • टोल वसूलने के बाद भी बदहाली के आंसू रो रहा हाईवे

जबलपुर। जबलपुर से रायपुर को जोडऩे वाला राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 आज अपनी बदहाली के कारण आम जनता के लिए किसी मौत के कुएं से कम साबित नहीं हो रहा है। लगभग 1 दशक पूर्व 200 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई यह आरसीसी सड़क आज जगह-जगह से फट चुकी है और इसमें लंबी-लंबी तथा गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढे और गायब हो चुकी शोल्डर पट्टी रोजाना बेकसूर यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों को हादसों का खुला निमंत्रण दे रहे हैं।


  • बरेला के निकट शारदा मंदिर के पास और बाईपास तथा नागा घाटी तक स्थिति यह हो चुकी है कि तेज रफ्तार में अचानक सामने आने वाले वाहनों के कारण वाहन चालक असंतुलित होकर गिर रहे हैं और गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। भारी बसों, ट्रकों और कंटेनरों की लगातार आवाजाही के कारण इस मार्ग पर अत्यधिक दबाव रहता है, बावजूद इसके राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की इस गहरी उदासीनता के कारण लोगों की जान खतरे में पड़ रही है, जबकि इस मार्ग पर लगातार टोल भी वसूला जाता है।बरेला के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 की बदहाली अब लोगों की जान पर भारी पडऩे लगी है। लगभग 1 दशक पूर्व 200 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित यह आरसीसी सड़क कई स्थानों से पूरी तरह फट चुकी है। सड़क पर मौजूद गहरी दरारें और गायब शोल्डर पट्टी के कारण दोपहिया वाहन चालकों के लिए हर वक्त जान का खतरा बना रहता है। शारदा मंदिर के पास हाईव में बनी लंबी दरारें वाहन चालकों के लिए दुर्घटनाओं का नियमित न्योता बन चुकी हैं। भारी वाहनों के निरंतर दबाव और बारिश के पूर्व मरम्मत कार्य न होने के कारण स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार एनएचएआई और प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर बिल्कुल भी संजीदा नजर नहीं आ रहे हैं।

    बाईपास से डोभी तक फैली बदहाली
    नगर के बाईपास से लेकर डोभी तक लगभग 5 किलोमीटर लंबा मार्ग पूरी तरह बदहाल और गड्ढों में तब्दील हो चुका है। इस 5 किलोमीटर के हिस्से में जगह-जगह खतरनाक दरारें हैं और बीच में दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात नागा घाटी भी शामिल है। बाईपास पर किनारे ट्रकों के खड़े होने के कारण बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे बचने के लिए दोपहिया चालक अपने वाहन सड़क से नीचे उतारने पर मजबूर हैं और दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीयूष यदुवंशी का कहना है कि इस मार्ग का कुछ दिन पहले ही निरीक्षण किया गया है और इसे शीघ्र ही दुरुस्त कर दिया जाएगा, परंतु धरातल पर सुधार न होने के कारण जनता में भारी रोष व्याप्त है।

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