
इंदौर।निगम (Corporation) के नामांतरण घोटाले (mutation scam) के लिए शासन ने जिन आईटी एक्सपर्ट (IT Expert) की मदद करवाई उन्होंने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। स्मार्ट सिटी सीईओ (CEO) अर्थ जैन का कहना है कि इस रिपोर्ट के आधार पर अब आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं निगमायुक्त के मुताबिक, एफआईआर भी करवाएंगे। निगम वेतन घोटाले की एफआईआर पिछले दिनों करवा भी चुका है। वहीं नामांतरण घोटाले के मामले में अब जिनकी सम्पत्तियों की परवारे रजिस्ट्रियां कर दी या नामांतरण हो गए वे अब निगम को लिखित शिकायत सौंप रहे हैं।
ऐसी ही एक शिकायत निगमायुक्त को मो. नासीर खान ने सौंपी है, जिसमें उन्होंने कहा कि तहसील जूनी इंदौर में खसरा नम्बर 500/12, 501/3 और 502/4 की 0.610 हेक्टेयर जमीन उनके परिवार की है और इस सम्पत्ति पर पाटीदार टिम्बर ट्रेडर्स के नाम से सम्पत्ति कर का खाता पुरानी आईडी से तो है, वहीं नई आईडी से भी फर्जी, कूटरचित और गैर कानूनी तरीके से खोल डाला। यहां तक कि पाटीदार टिम्बर ट्रेडर्स के नाम पर बिना परिवार या आवेदक की सहमति के ही निगम रिकॉर्ड में इसकी प्रविष्टि कर दी गई। उन्होंने आयुक्त से अनुरोध किया कि नई आईडी के मूल दस्तावेजों, नामांकण प्रक्रिया की जांच कराई जाए और फर्जी तरीके से खोले गए उक्त खाते को भी निरस्त किया जाए। उक्त सम्पत्ति पर आवेदक और उनके वैद्य वारिसानों के नाम अनुसार निगम रिकॉर्ड दुरुस्त किए जाएं और इस मामले में किसी बाहरी या निगम के किसी अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उल्लेखनीय है कि 350 से अधिक सम्पत्तियों में इस तरह से फर्जी नामांतरण कर डाले, जिनमें से 51 सम्पत्तियों को बेच भी दिया, जिसके रिकॉर्ड पंजीयन विभाग से कुछ समय पूर्व निगम को प्राप्त भी हुए। अपर आयुक्त आकाश सिंह के मुताबिक इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच जारी है और आयुक्त द्वारा बनाई गई तीन सदस्यीय जांच समिति भी आईटी एक्सपर्ट की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
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