
नई दिल्ली। चीन (China) में एक कंपनी मालिक (Company owner) का फैसला इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हेनान प्रांत की एक कंपनी के चेयरमैन ने अपनी मां (Mother) को शादी (Marriage) में आमंत्रित न करने वाले कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया। इतना ही नहीं, बाद में उसी कर्मचारी की मां को अपनी कंपनी में नौकरी भी दे दी। इस फैसले पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, हेनान कुआंगशान क्रेन कंपनी के संस्थापक और चेयरमैन कुई पेइजुन अपने कर्मचारियों के प्रति उदार व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। बताया जाता है कि संबंधित कर्मचारी के पिता का निधन तब हो गया था, जब वह केवल दो वर्ष का था। उसकी मां ने अकेले ही उसका पालन-पोषण किया और उसे बड़ा किया।
मां को शादी में नहीं बुलाने की बताई वजह
जब कर्मचारी की शादी हुई तो उसने अपनी मां को समारोह में आमंत्रित नहीं किया। कंपनी मालिक ने इसकी वजह पूछी तो कर्मचारी ने कथित तौर पर कहा कि उसकी मां का साधारण रूप-रंग होने के कारण उसे उन्हें शादी में बुलाने में शर्म महसूस होती थी।
यह बात सुनकर कुई पेइजुन नाराज हो गए। उन्होंने कर्मचारी से कहा कि जिस मां ने कठिन परिस्थितियों में उसका पालन-पोषण किया, उसके साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। इसके बाद उन्होंने कर्मचारी की सेवाएं समाप्त कर दीं। उनका कहना था कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता का सम्मान नहीं कर सकता, उस पर कंपनी का भरोसा करना भी मुश्किल है।
माफी के बाद भी नहीं बदला फैसला
कुछ समय बाद कर्मचारी दोबारा कंपनी पहुंचा और माफी मांगते हुए नौकरी वापस देने का अनुरोध किया। हालांकि, कंपनी मालिक ने अपना फैसला बदलने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि इस घटना के बाद कर्मचारी के प्रति उनका विश्वास और सम्मान खत्म हो चुका है।
मां को कंपनी में मिला रोजगार
इस मामले का सबसे चर्चित पहलू तब सामने आया, जब कुई पेइजुन ने कर्मचारी की सेवानिवृत्त मां को अपनी कंपनी के लॉजिस्टिक्स विभाग में नौकरी दे दी। उन्हें उनकी पिछली आय के बराबर वेतन भी दिया गया। कंपनी मालिक ने कहा कि उन्हें चिंता थी कि भविष्य में बेटा अपनी मां की देखभाल ठीक से नहीं कर पाएगा, इसलिए उन्होंने उन्हें रोजगार देने का निर्णय लिया।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई है। कई यूजर्स ने कंपनी मालिक के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि माता-पिता का सम्मान हर व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि किसी कर्मचारी के निजी पारिवारिक फैसले के आधार पर नौकरी समाप्त करना उचित नहीं है, यदि उसके कार्य प्रदर्शन में कोई कमी नहीं थी।
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