बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर (Bilaspur) से अंधविश्वास और कानून की प्रक्रिया को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जेल में बंद रिश्तेदार को जमानत दिलाने के लिए एक व्यक्ति कथित तौर पर तांत्रिक अनुष्ठान (Tantric ritual) करने श्मशान घाट पहुंच गया। इतना ही नहीं, अनुष्ठान के दौरान उसने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की तस्वीर भी रखी थी।
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने एक व्यक्ति को पकड़कर पूछताछ की है। पुलिस के मुताबिक, घटना में चार लोग शामिल थे, जिनमें से तीन मौके से भाग निकले।
पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों ने देर रात चार लोगों को श्मशान घाट के आसपास संदिग्ध गतिविधियां करते देखा। ग्रामीणों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो तीन लोग वहां से फरार हो गए, जबकि ऋषिकेश कुमार नाम के व्यक्ति को पकड़ लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया।
बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि मौके से तांत्रिक अनुष्ठान में इस्तेमाल होने वाली कई चीजें बरामद की गईं।
मछली, नींबू और सिंदूर के साथ मिली तस्वीरें
पुलिस ने घटनास्थल से मछली, नींबू और सिंदूर समेत अन्य सामान बरामद किया। वहां छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के अलावा दो अन्य लोगों की तस्वीरें भी मिलीं।
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, तस्वीरों में से एक उस व्यक्ति की थी, जिसकी चाकू मारने के मामले में हत्या या हमले की घटना से संबंध बताया जा रहा है, जबकि दूसरी तस्वीर आरोपी के रिश्तेदार प्रियांशु की थी।
तांत्रिक का वीडियो देखकर बनाया प्लान
पूछताछ में ऋषिकेश कुमार ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसका रिश्तेदार प्रियांशु चाकू मारने के एक मामले में कुछ अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार हुआ था। मामले में एक आरोपी को जमानत मिल चुकी थी, जबकि बाकी आरोपियों की जमानत याचिकाएं अदालत में लंबित थीं।
इसके बाद कुमार और उसके तीन दोस्तों ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर एक तांत्रिक का वीडियो देखा। वीडियो में दावा किया गया था कि विशेष अनुष्ठान करने से जेल में बंद व्यक्ति को जमानत मिल सकती है।
इसी दावे के बाद चारों श्मशान घाट पहुंचे और वहां कथित तौर पर तांत्रिक क्रिया शुरू कर दी।
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और घटनास्थल से बरामद सामान तथा तस्वीरों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने लोगों को ऐसे अंधविश्वासी दावों से दूर रहने की चेतावनी भी दी है। एसपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह के तांत्रिक अनुष्ठान से अदालत में जमानत नहीं मिल सकती।
उन्होंने कहा कि जमानत कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत से ही मिलती है, इसलिए अपराध में शामिल लोगों को कानून का सामना करना चाहिए और खुद को सुधारने की दिशा में काम करना चाहिए।
मामले में पुलिस फरार तीन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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