
बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर में आज (बुधवार को) भारत और अमेरिका की फौज मिलकर युद्धाभ्यास कर रही है। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में ‘युद्ध अभ्यास 2026’ हो रहा है और इसमें एविएशन की ताकत को जोड़ते हुए भारतीय सेना के AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर, भारतीय और अमेरिकी सेना के जवानों के साथ मिलकर इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल ड्रिल में हिस्सा ले रहे हैं। इस युद्धाभ्यास एक वीडियो भी आया है, जिसमें हवा से जमीन पर पिन पॉइंट मार होती दिखाई दे रही है।
बता दें कि युद्धाभ्यास, संयुक्त मिशन की प्लानिंग करने और युद्ध के मैदान में तालमेल बिठाने में मदद करता है। इसमें इंटीग्रेटेड मूवमेंट और सटीक हमले करने की स्किल भी शामिल है। इसके साथ ही, अपाचे का प्रयोग से सैनिकों को असल ऑपरेशनल माहौल में ग्राउंड फोर्स के साथ अटैक एविएशन के बेहतर तालमेल का अभ्यास करने का मौका भी देता है।
यह ट्रेनिंग भारत और अमेरिका, दोनों सेनाओं के बीच इंटर ऑपरेबिलिटी यानी एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता को और बढ़ाती है। इससे कॉम्बैट फंक्शन की प्रक्रियाओं, कम्युनिकेशन और तालमेल को बेहतर बनाया जा सकता है। साथ ही, यह ‘युद्धाभ्यास’ की बढ़ती जटिलता और गहराई को दिखाता है, जिसमें दोनों सेनाएं कई डोमेन में मिलकर ऑपरेशन की योजना बनाने, उन्हें इंटीग्रेट करने और उन्हें अंजाम देने की ट्रेनिंग ले रही हैं।
भारत-अमेरिका की सेना का जो वीडियो सामने आया है उसमें हेलीकॉप्टर से जमीन पर निशाना लगाया जा रहा है। आसमान से जमीन पर मौजूद टारगेट को भेदा जा रहा है। एक अन्य वीडियो में दो हेलीकॉप्टर तेजी से आते हैं और टारगेट की तरफ बढ़ जाते हैं। युद्धाभ्यास का एक और वीडियो भी है, जिसमें हेलीकॉप्टर से जमीन के टारगेट पर फायरिंग होती नजर आ रही है।
गौरतलब है कि भारत-अमेरिका के बीच 22वीं जॉइंट मिलट्री एक्सरसाइज हो रही है। यह 15 सितंबर से शुरू हो चुकी है और 28 सितंबर तक चलेगी। यह युद्धाभ्यास बेहद खास है, क्योंकि पहली बार एक ही अभ्यास को दो बिल्कुल अलग-अलग ऑपरेशनल थिएटरों में कराया जा रहा है, एक ओर राजस्थान के रेगिस्तान और दूसरी तरफ है उत्तराखंड का ऊंचाई वाला पहाड़ी इलाका।
एक फेज बीकानेर के पास महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हो रहा है, जहां भारत-अमेरिका के सैनिक रेगिस्तानी क्षेत्र में प्रिसीजन स्ट्राइक, लॉन्ग-रेंज फायर, मैन्युवर और जॉइंट ऑपरेशन एक्सरसाइज कर रहे हैं। इस एक्सरसाइज की शुरुआत भारतीय-अमेरिकी सैनिकों के औली के उत्तराखंड पहुंचने के साथ हुई। यहां अभ्यास का फोकस कठिन पहाड़ी इलाके में ऑपरेशन, एयर मोबिलिटी, हाई-ऑल्टिट्यूड वॉरफेयर और लॉजिस्टिक्स पर रहेगा। औली, LAC से करीब 95 किलोमीटर की दूरी पर है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved