
नई दिल्ली ।अयोध्या (Ayodhya) स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर (Shri Ram Janmabhoomi Temple) में चढ़ावे (Offerings) से जुड़े चोरी और अनियमितता के मामले में विशेष जांच टीम (Special Investigation Team) यानी एसआईटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट (Final Report) शासन को सौंप दी है। गृह विभाग ने रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद इसे आवश्यक कार्रवाई के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) को उपलब्ध करा दिया है। रिपोर्ट सौंपे जाने के साथ ही मामले की एसआईटी जांच (SIT Investigation) का प्रमुख चरण पूरा हो गया है और अब आगे की कार्रवाई को लेकर ट्रस्ट तथा संबंधित प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लिया जाना है।
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रस्ट के अनुरोध पर शासन ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को टीम का अध्यक्ष बनाया गया था। आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार को एसआईटी का सदस्य बनाया गया था। टीम को मामले से जुड़े आरोपों और उपलब्ध तथ्यों की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
एसआईटी ने जांच के शुरुआती चरण में 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। प्रारंभिक रिपोर्ट में मामले में कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई। प्रारंभिक जांच के आधार पर 25 जून को राम जन्मभूमि थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामला ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर दर्ज हुआ था।
मुकदमे में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद किया गया था। इसके अलावा अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी समेत अन्य कार्रवाई भी की गई थी। इसके बाद एसआईटी ने मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच आगे बढ़ाई और अब अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। गृह विभाग की ओर से रिपोर्ट का परीक्षण किए जाने के बाद उसे आवश्यक कार्रवाई के लिए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को उपलब्ध कराया गया है।
अंतिम रिपोर्ट में एसआईटी ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और मामले से जुड़े पहलुओं को शामिल किया है। हालांकि रिपोर्ट की पूरी सामग्री सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। इसलिए इसमें किन-किन बिंदुओं पर क्या निष्कर्ष निकाला गया है और आगे किस स्तर की कार्रवाई की सिफारिश की गई है, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ा मामला धार्मिक आस्था के साथ वित्तीय पारदर्शिता और व्यवस्था से भी संबंधित है। ऐसे में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शासन की ओर से रिपोर्ट ट्रस्ट को उपलब्ध कराए जाने के बाद अब आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। ट्रस्ट रिपोर्ट में दिए गए तथ्यों और सिफारिशों के आधार पर आवश्यक कदम उठा सकता है। इस मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज होने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के बाद अंतिम रिपोर्ट से आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया को दिशा मिलने की उम्मीद है।