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200 रुपये देने के बाद भी आरटीओ से नहीं मिल रहे स्मार्ट कार्ड

August 18, 2026

  • ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के लिए भटक रहे लोग-2024 को खत्म हो चुका है पुरानी कंपनी का अनुबंध

उज्जैन। आरटीओ द्वारा वाहन रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड के नाम पर 200-200 रुपये शुल्क लेने के बावजूद स्मार्ट कार्ड नहीं दिए जा रहे हैं। नतीजतन कार्ड का बैकलाग में वृद्धि हो गई है। परिवहन विभाग ने कार्ड बनाने वाली एजेंसी का अनुबंध खत्म होने के बाद अब तक नई एजेंसी का टेंडर तय नहीं किया है। नतीजा यह है कि जिन लोगों से स्मार्ट कार्ड के नाम पर शुल्क लिया गया, उन्हें फिलहाल ई-कार्ड देकर काम चलाया जा रहा है।


  • परिवहन विभाग ओर से जल्द स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस है। परिवहन विभाग ने हाल में दावा किया था कि नई कंपनी तय करने की प्रक्रिया चल रही है। विभाग के अनुसार टेंडर होने के बाद लंबित कार्ड जारी किए जाएंगे। हालांकि, 2026 के आठ महीने बीतने के बाद भी नई एजेंसी का टेंडर तय नहीं हो सका है। ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन कार्ड के लिए लोगों से 200 रुपये शुल्क लिया जाता है लेकिन स्मार्ट कार्ड की आपूर्ति बाधित होने के बाद उन्हें मोबाइल पर ई-कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब भौतिक स्मार्ट कार्ड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा तो उसके लिए शुल्क क्यों लिया जा रहा है। यह व्यवस्था वर्ष 2024 से चली आ रही है। विभाग ने स्मार्ट कार्ड का शुल्क समाप्त करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन उस पर भी अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ। गुडग़ांव की स्मार्ट चिप कंपनी वर्ष 2003 से परिवहन विभाग के लिए ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कार्ड तैयार करती थी। कंपनी और विभाग के बीच भुगतान सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर विवाद भी होते रहे। करीब 88 करोड़ रुपये के भुगतान का मामला भी सामने आया था। कंपनी को एक बार एक्सटेंशन दिया गया, लेकिन 30 जून 2024 के बाद उसका अनुबंध आगे नहीं बढ़ाया गया। इसके बाद नई एजेंसी के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। कार्ड जारी करने का काम अटकता गया और बैकलाग बढ़ता गया है। वर्ष 2026 से स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन वर्ष का आधे से अधिक समय बीतने के बाद भी नई एजेंसी का टेंडर तय नहीं हुआ है। इससे सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब विभाग नई व्यवस्था के लिए समय पर टेंडर ही नहीं कर सका तो 30 लाख लोगों से लिया गया कार्ड शुल्क किस आधार पर जारी रखा गया? परिवहन अधिकारियों के अनुसार स्मार्ट कार्ड को लेकर टेंडर करने की तैयारी की जा रही है। टेंडर होने के बाद सभी को कार्ड जारी किए जाएंगे।

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