
जबलपुर। कछपुरा मालगोदाम से गणेश नगर, पुष्पक नगर और आसपास की कॉलोनियों को जोडऩे वाली मुख्य सड़क इन दिनों सुविधा की बजाय लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। महीनों से चल रहे अधूरे निर्माण और बारिश ने इस मार्ग की हालत ऐसी कर दी है कि जगह-जगह सड़क कीचड़, दलदल और गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। सड़क पर जमा पानी और उखड़ी सतह के बीच रोजाना सैकड़ों लोगों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा परेशानी रेलवे ओवरब्रिज के नीचे वाले हिस्से में हो रही है। यहां बारिश का पानी बड़े-बड़े गड्ढों में जमा है और सड़क का अधिकांश हिस्सा कीचड़ से पट गया है। दोपहिया वाहन चालक गड्ढों से बचते हुए बेहद धीमी गति से निकलने को मजबूर हैं। कई जगह वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है।
सड़क बनी आफत
क्षेत्रवासियों के मुताबिक सड़क का निर्माण शुरू हुआ तो उन्हें उम्मीद थी कि जल्द ही आवागमन की समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन काम की धीमी गति ने परेशानी और बढ़ा दी। सड़क को कई हिस्सों में अधूरा छोड़ दिया गया है। कहीं सड़क ऊंची है तो कहीं गहरी, जबकि कई स्थानों पर निर्माण सामग्री और उखड़ी सड़क के कारण वाहन निकालना मुश्किल हो गया है। पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश होते ही सड़क तालाब में बदल जाती है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से खतरा और बढ़ जाता है।
स्कूली बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान
स्थानीय नागरिक गोपाल पंड्या, आलोक मिश्रा और रमेश कुमार ने बताया कि यह मार्ग आसपास की कई कॉलोनियों को शहर के मुख्य हिस्सों से जोड़ता है। रोजाना बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग और बुजुर्ग इस रास्ते से गुजरते हैं। बारिश के बाद बाइक फिसलने का डर बना रहता है। कई लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। बच्चों को स्कूल छोडऩे और वापस लाने में भी काफी समय लग रहा है। बुजुर्गों के लिए कीचड़ और गड्ढों से होकर निकलना किसी जोखिम से कम नहीं है।
गड्ढों में जमा पानी बढ़ा रहा बीमारी का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर लंबे समय से पानी जमा होने के कारण अब मच्छरों के पनपने का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों को आशंका है कि यदि पानी की निकासी नहीं हुई तो बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
शिकायतों के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति
नागरिकों का आरोप है कि सड़क की बदहाली को लेकर कई बार संबंधित जिम्मेदारों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य को गति नहीं मिली। लोगों का कहना है कि सड़क बनाना समस्या का समाधान होना चाहिए था, लेकिन अधूरे निर्माण ने रोजमर्रा का आवागमन ही मुश्किल कर दिया है।
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