
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बाबरपुर विधानसभा क्षेत्र के कबीर नगर वार्ड नंबर 234 से कांग्रेस के निगम पार्षद पर बुधवार दोपहर कथित तौर पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शाहदरा नॉर्थ जोन अध्यक्ष के दफ्तर में घुसकर कुछ लोगों ने पार्षद के साथ मारपीट की और उन पर कुर्सियां भी फेंकीं। घटना का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीटने वाले सभी वकील के ड्रेस पहने हुए थे।
पार्षद के मुताबिक, विवाद की शुरुआत कबीर नगर इलाके में चल रही कुछ कथित अवैध फैक्ट्रियों को MCD की ओर से सीलिंग का नोटिस दिए जाने के बाद हुई। इलाके के कुछ लोगों को शक था कि फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नोटिस पार्षद के कहने पर जारी किए गए हैं। इसी बात से नाराज लोगों ने कथित तौर पर उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया।
हालांकि, पार्षद ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी MCD अधिकारी या कर्मचारी को फैक्ट्रियों के खिलाफ नोटिस जारी करने के लिए नहीं कहा था। उनके मुताबिक, यह कार्रवाई शाहदरा नॉर्थ जोन के अधिकारियों ने अपनी प्रक्रिया के तहत की है।
जोन अध्यक्ष के दफ्तर में घुसकर मारपीट का आरोप
शाहदरा नॉर्थ जोन के अध्यक्ष पंकज लूथरा ने बताया कि वह अपने कार्यालय में मौजूद थे और लंच के लिए रेस्ट रूम की ओर जा रहे थे। इसी दौरान कबीर नगर के निगम पार्षद घबराए हुए उनके कार्यालय में पहुंचे। लूथरा के मुताबिक, पार्षद ने कहा कि कुछ लोगों से उनकी जान को खतरा है और उनसे सुरक्षा की मदद मांगी।
इसके कुछ देर बाद कई लोग कथित तौर पर जोन अध्यक्ष के कार्यालय में दाखिल हो गए। आरोप है कि वहां गाली-गलौज शुरू हुई और इसके बाद पार्षद के साथ मारपीट की गई।
वायरल वीडियो में कुर्सियां फेंकते दिखे लोग
सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वीडियो में कार्यालय के अंदर हंगामा होता दिखाई दे रहा है। वीडियो में कुछ लोग पार्षद की तरफ कुर्सियां फेंकते नजर आ रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो के पूरे घटनाक्रम और उसमें दिखाई दे रही घटनाओं की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस की मौजूदगी पर भी सवाल
पार्षद ने दावा किया है कि घटना के दौरान वेलकम थाने के SHO भी मौके पर मौजूद थे। इसके बावजूद उनके साथ मारपीट हुई। इस दावे पर पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
फिलहाल पूरा विवाद कबीर नगर में कथित अवैध फैक्ट्रियों को जारी किए गए MCD के सीलिंग नोटिस से जुड़ा बताया जा रहा है। पार्षद ने स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी कराने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। घटना के बाद वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों ने मामले को तूल दे दिया है।
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