नई दिल्ली। शिवसेना (Uddhav Balasaheb Thackeray) के राज्यसभा सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने जेल में बिताए अपने समय को लेकर गंभीर आरोप लगाया है। राउत ने आशंका जताई कि जेल में उनके खाने या पानी में किसी तरह की गड़बड़ी किए जाने की वजह से उनकी सेहत प्रभावित हुई और संभव है कि इसी दौरान उनकी कैंसर की बीमारी की शुरुआत हुई हो।
राउत ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें जेल से बाहर आने के बाद टॉक्सिसिटी टेस्ट कराने की सलाह दी थी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उनके खाने में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी तो नहीं थी।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान संजय राउत ने केंद्र सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले विपक्षी नेताओं के साथ जेल में किसी भी तरह का व्यवहार किए जाने की आशंका बनी रहती है।
राउत के मुताबिक, राहुल गांधी को भी यह चिंता थी कि जेल में रहने वाले राजनीतिक नेताओं के साथ कुछ भी हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि उनकी बीमारी की शुरुआत जेल में रहने के दौरान ही हुई।
हालांकि, राउत के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है कि जेल के भोजन या पानी में किसी जहरीले पदार्थ के कारण उन्हें कैंसर हुआ।
संजय राउत ने बताया कि राहुल गांधी ने उन्हें यह पता लगाने के लिए टॉक्सिसिटी टेस्ट कराने की सलाह दी थी कि कहीं जेल में दिए जाने वाले भोजन में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट तो नहीं की गई थी।
राउत ने कहा कि जो नेता सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उनके मन में जेल के दौरान इस तरह की आशंका बनी रह सकती है। उन्होंने अधिकारियों पर भोजन और पानी में ‘गड़बड़ी’ किए जाने की संभावना जताई।
संजय राउत पत्रा चॉल पुनर्विकास मामले में कथित संलिप्तता से जुड़े केस में वर्ष 2022 में 100 से ज्यादा दिनों तक जेल में रहे थे। इसी अवधि को याद करते हुए उन्होंने अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी और कैंसर की बीमारी को जेल के समय से जोड़कर आशंका जाहिर की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। राउत ने सरकार को ‘बेरहम’ बताते हुए कहा कि राजनीतिक विरोधियों के साथ जेल में कुछ भी होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
राउत के बयान के बाद राजनीतिक विवाद तेज होने की संभावना है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि खाने या पानी में जहर दिए जाने और उससे कैंसर होने का दावा फिलहाल राउत की आशंका और आरोप के तौर पर ही सामने आया है। किसी आधिकारिक जांच या चिकित्सकीय निष्कर्ष से इन दावों की पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।
राउत ने हालांकि यह जरूर कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें टॉक्सिसिटी टेस्ट कराने की सलाह दी थी। अब उनके इस दावे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया के साथ-साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इस संबंध में कभी कोई मेडिकल या फोरेंसिक जांच कराई गई थी।
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