
नई दिल्ली । महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (Maharashtra Public Service Commission) यानी MPSC की तैयारी कर रहे छात्र प्रथमेश देशमुख (Prathamesh Deshmukh) की पुणे (Pune) में आत्महत्या के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस के मुताबिक, प्रथमेश पुणे के नवी पेठ (Navi Peth)इलाके में किराये के मकान में रहकर परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसकी मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच (Investigation) शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, प्रथमेश को सुबह उसके कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया। कुछ स्थानीय निवासियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। आत्महत्या का सही समय पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद स्पष्ट होने की बात कही गई है।
जांच के दौरान पुलिस को प्रथमेश का दो पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस के मुताबिक, प्रथमेश कथित तौर पर आर्थिक दबाव में था और उसे कई लोगों के करीब ढाई लाख रुपये लौटाने थे। उसके परिवार के आर्थिक रूप से परेशान होने की बात भी पुलिस की ओर से सामने आई है।
पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट में उन लोगों के नाम और कर्ज से जुड़ी जानकारी दर्ज है, जिनसे प्रथमेश ने पैसे लिए थे। नोट में लौटाई जा चुकी रकम का भी उल्लेख होने की जानकारी दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रथमेश ने पैसे किन कारणों से उधार लिए थे।
इस सिलसिले में पुलिस उसके परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ कर रही है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और पुलिस सुसाइड नोट में दर्ज जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
प्रथमेश देशमुख की मौत के बाद अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी भी मामले में सक्रिय हुई है। अभिजीत दीपके ने बताया कि वह प्रथमेश के शोकाकुल परिवार से मिलने जा रहे हैं। इससे पहले MPSC से जुड़े मुद्दों को लेकर भी उनकी ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं।
इसी बीच महाराष्ट्र में MPSC से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन भी हुए हैं। मंगलवार को छत्रपति संभाजीनगर में MPSC में कथित भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आयोग के शीर्ष पदों पर साफ छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की।
छत्रपति संभाजीनगर अभिजीत दीपके का गृहनगर भी बताया गया है। इससे एक दिन पहले पुणे में भी MPSC से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हुआ था। इन प्रदर्शनों में पूर्व में आयोजित परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए और जांच की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने कोरोना वायरस महामारी के बाद आयोजित परीक्षाओं को लेकर भी संदेह जताया है। एक प्रदर्शनकारी छात्र ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वह चार साल से पढ़ाई और परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है और उसे यह जानना है कि आखिर व्यवस्था में क्या हो रहा है।
प्रथमेश की आत्महत्या और उससे मिले सुसाइड नोट के बाद पुलिस आर्थिक दबाव से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस की जांच यह पता लगाने पर केंद्रित है कि उसने पैसे क्यों उधार लिए थे और उसकी मौत से जुड़े अन्य तथ्यों की वास्तविक स्थिति क्या है।
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