
इंदौर। आजाद नगर (Azad Nagar) थाना क्षेत्र में गणेशोत्सव जुलूस (Ganeshotsav Procession) के दौरान हुई नाबालिग की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने अब नियम तोड़ने वाले आयोजकों (organizers) और डीजे संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हत्याकांड के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने जुलूस में बिना अनुमति और निर्धारित क्षमता से अधिक तेज ध्वनि में डीजे साउंड बजाने वालों पर प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में केवल 8 आयोजकों को ही साउंड सिस्टम की स्वीकृति दी थी, जबकि जिस जुलूस में चाकूबाजी की वारदात हुई, सिर्फ उस एक मूूसाखेड़ी क्षेत्र में गणेश प्रतिमा स्थापना के चल समारोह में ही बिना अनुमति करीब 9 डीजे गाड़ियां शामिल कर ली गई थीं। पुलिस के मुताबिक इस दौरान प्रशासन के धारा 163 (बीएनएसएस) के तहत जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का खुलेआम उल्लंघन कर इंद्रा एकता नगर निवासी आयोजक पीयूष पिता राजेश बेलिम ने बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के जुलूस में डीजे साउंड का संचालन कराया। इसके अलावा एक अन्य मामले में आयोजक गौरव खराड़ी ने डीजे बजाने की अनुमति तो ली थी, लेकिन डीजे संचालक प्रकाश पाटीदार ने हिदायत के बावजूद अत्यधिक तेज आवाज में डीजे बजाया। इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और शिकायतें सही पाए जाने के बाद पुलिस ने आयोजक गौरव खराड़ी और डीजे संचालक प्रकाश पाटीदार के खिलाफ धारा 223(ए) बीएनएस व मप्र कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया। उल्लेखनीय है कि इसी गणेशोत्सव जुलूस के दौरान डीजे के पीछे नाचने की बात को लेकर हुए विवाद में 16 वर्षीय कृष्णा पंवार निवासी असरावदखुर्द की सीने पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि उसका साथी साहिल गंभीर रूप से घायल हो गया था। तेजाजी नगर से आए ये दोनों नाबालिग जयदीप डीजे की गाड़ी के पीछे नाच रहे थे, तभी आरोपियों से उनका विवाद हो गया था। हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने के बाद पुलिस टीम अब उन सभी आयोजकों और डीजे संचालकों पर कार्रवाई कर रही है, जिनकी लापरवाही और कानून के उल्लंघन के कारण जुलूस में अव्यवस्था फैली।
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