
महापौर विदेश यात्रा पर, अफसर देर से जागे, नहीं बना ‘नो कार-डे’ का माहौल
कल दिन में यातायात पुलिस ने की अपील, शाम को चौराहों पर चलाया अभियान
इंदौर। इंदौर (Indore) में आज तीसरे ‘नो कार-डे’ (‘No Car Day’) का माहौल नहीं बन पाया। केवल अफसरों (Officials) और जजों (judges) ने अपनी गाड़ियां छोड़ दो पहिया और अन्य लोकल परिवहन वाहन का इस्तेमाल किया। महापौर की विदेश यात्रा के चलते इस बार अफसर ‘नो कार-डे’ के लिए माहौल ही नहीं बना पाए, जिसका असर नजर आया। आम दिनों की तरह सड़कों पर नजर आईं कारें। कल दिन में जरूर यातायात पुलिस ने सोशल मीडिया पर अपील की और शाम को हर चौराहे पर इसे लेकर जागरूक किया।
स्वच्छता, स्वस्थ जीवन और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ आज ‘नो कार-डे’ मनाया जाना था, लेकिन आम दिनों की तरह सड़कों पर सुबह से कारें नजर आईं। वहीं, दूसरी तरफ इसका माहौल बनाने के लिए अफसरों ने जरूर अपनी कारें छोड़ी और अपनी दो पहिया सहित अन्य वाहनों से कार्यस्थल पहुंचे। नो कार-डे को सफल बनाने के लिए इस बार जज भी अपनी कारें छोड़ लोक परिवहन से कोर्ट पहुंचे। पिछले दो साल से पर्यावरण संरक्षण का बीड़ा महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने उठाते हुए सितंबर की 22 तारीख को ‘नो कार-डे’ के रूप में मनाना शुरू किया था। पिछले दो साल तो ये योजना कई हद तक सफल रही, लेकिन इस साल महापौर के विदेश दौरे के चलते इस बार अफसर 22 सितंबर को लेकर देर से जागे और नो कार डे के ठीक एक दिन पूर्व यानी कल प्रचार-प्रसार शुरू किया गया, जिसके चलते आज सड़कों पर अफसरों के अलावा आम नागरिकों की कारें प्रतिदिन की तरह ही नजर आई।
नो कार-डे से बचता है 80 हजार लीटर ईंधन
22 सितंबर को मनाए जाने वाले नो कार-डे से निगम द्वारा जारी 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, 1 दिन में करीब 80 हजार लीटर ईंधन की बचत होती है, वहीं वायु गुणवत्ता में 18 प्रतिशत सुधार दर्ज किया जाता है। इस दिन निजी कारों की संख्या भी 30 से 35 प्रतिशत कम देखी जाती है।
यातायात पुलिस को काम पर लगाया
कल ताबड़तोड़ यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने निरीक्षकों, सूबेदारों और अन्य को काम पर लगाया और सोशल मीडिया पर वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य के इसे लेकर संदेश दौड़े। इतना ही नहीं, ताबड़तोड़ हर चौराहे पर यातायात पुलिस ने ‘नो कार-डेÓ की अपील करने के लिए अभियान चलाया।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved