
जबलपुर। नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में वेटेरनरी स्नातक पाठ्यक्रम की 15 एनआरआई सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। दस्तावेजों की पड़ताल के बाद कुल 12 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था, जिनमें से सोमवार की काउंसलिंग में 9 विद्यार्थी पहुंचे। चयन समिति की ओर से कुलसचिव राखी वैश्य, जबलपुर डीन डॉ. एसएस तोमर, फैकल्टी विभाग प्रभारी प्रो. एस घोष, एसोसिएट प्रो. सोना दुबे तथा सहायक कुलसचिव निधि भलावी ने अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की सघन जांच की। छात्रों ने बाहर रहने वाले अपने सगे मामा, मौसी, चाचा और बुआ से संबंधित कानूनी दस्तावेज प्रस्तुत कर रक्त संबंध प्रमाणित किया। सत्यापन पूर्ण होने पर इन सभी 9 छात्र-छात्राओं को प्रवेश दे दिया गया। शेष चयनित अभ्यर्थियों को अपनी जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
प्रमाणपत्रों की सघन जांच के बाद मिला दाखिला
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विशेष श्रेणी के अंतर्गत दाखिला पाने के लिए पात्रता संबंधी साक्ष्यों की सत्यता अनिवार्य शर्त है। समिति ने एनआरआई कोटे के तहत प्रस्तुत किए गए प्रत्येक प्रमाण की बारीकी से पड़ताल की। अभ्यर्थियों ने विदेशों में कार्यरत अपने सगे परिजनों के पासपोर्ट, वीजा, नागरिकता तथा निवास से जुड़े जरूरी साक्ष्य प्रस्तुत किए। इन अभिलेखों के जरिए यह प्रमाणित किया गया कि रिश्तेदार सचमुच विदेश में निवासरत हैं और वे छात्र के निकट रक्त संबंध में आते हैं।
मंगलवार को विशेष अंचल के अभ्यर्थी होंगे शामिल
विश्वविद्यालय परिसर में अब कश्मीर और लद्दाख अंचल के अभ्यर्थियों के लिए विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में 40 से अधिक छात्र-छात्राओं के शामिल होने का अनुमान लगाया गया है। प्रबंधन ने इस चरण के लिए अलग से प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। यहां भी विद्यार्थियों की क्षेत्रीय पात्रता, मूल निवास प्रमाण और शैक्षणिक अंकों का सत्यापन करने के बाद ही सीटें आवंटित की जाएंगी। देश के विभिन्न राज्यों से छात्र इस प्रतिष्ठित संस्थान में दाखिला लेने पहुंच रहे हैं।
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