
उज्जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) स्थित खड़े हनुमान मंदिर (Khade Hanuman Temple) इन दिनों आस्था और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। प्रतिमा को लेकर चल रही प्रक्रिया के बीच मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में साधु-संतों की मौजूदगी भी लगातार देखी जा रही है। इसी क्रम में संत ‘बम-बम भोला’ (Saint ‘Bam-Bam Bhola’) खड़े हनुमान मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया और भगवान हनुमान के दर्शन किए।
बोले- धर्म की तुलना विज्ञान से न करें
दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में संत ‘बम-बम भोला’ ने कहा कि धर्म और विज्ञान की तुलना नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में AI और ड्रोन जैसी तकनीकें आ चुकी हैं, लेकिन उनके अनुसार धर्म और सनातन परंपरा को विकास की बहस से अलग समझना चाहिए। उन्होंने खड़े हनुमान की प्रतिमा को यथास्थान रखने की मांग की और कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े स्थानों को लेकर संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए।
मंदिर के आसपास कथित अतिक्रमण का मुद्दा उठाया
संत ने मंदिर के सामने मस्जिद की ओर से कथित अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए इसे हटाने की मांग भी उठाई। उन्होंने मुस्लिम समाज से भाईचारे का परिचय देते हुए इस कथित अतिक्रमण को हटाने की अपील की। यह आरोप संत के बयान के रूप में सामने आया है। ऐसे दावे की प्रशासनिक पुष्टि या अतिक्रमण की कानूनी स्थिति को स्वतंत्र रूप से स्थापित करने वाली जानकारी इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
मंदिर में बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
खड़े हनुमान मंदिर को लेकर चल रही चर्चा के बीच यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। रिपोर्टों के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग मंदिर पहुंच रहे हैं और हनुमान चालीसा, सुंदरकांड तथा धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं।
खड़े हनुमान की प्रतिमा को सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया से जोड़कर विवाद सामने आया था। प्रशासन ने बाद में कहा कि प्रतिमा को लेकर विशेषज्ञों की जांच और संत समाज व स्थानीय प्रतिनिधियों से सहमति के बाद ही आगे फैसला लिया जाएगा। फिलहाल खड़े हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़, संतों की मौजूदगी और प्रतिमा को लेकर जारी चर्चा ने इसे उज्जैन के सबसे चर्चित धार्मिक स्थलों में ला दिया है।
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