
इंदौर। कल रात जैसे ही यह खबर आई कि शहर के जाने-माने कॉलोनाइजर-बिल्डर संदीप उर्फ बंटी नागर ने आत्महत्या कर ली, तो पूरे रियल इस्टेट कारोबारियों में हड़कम्प मच गया। मूलरूप से ज्वेलरी के कारोबार से जुड़े बंटी का कुछ साल पहले दिवाला निकल गया था, मगर उसने पूरी राशि सब कुछ बेचकर चुकाई और उसके बाद रियल इस्टेट कारोबार शुरू किया। संस्कृति डेवलपर्स के बैनरतले कई टाउनशिप, कॉलोनियां विकसित भी की और अभी कई अन्य प्रोजेक्ट भी पाइप लाइन में थे। अब मोबाइल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही यह राज सामने आ पाएगा कि आखिर क्या कारण रहे कि वित्तीय स्थिति बेहतर होने के बावजूद बंटी नागर को आत्महत्या करना पड़ी।
अपने आफिस में साड़ी का पंदा लगाकर आत्महत्या करने वाले बंटी नागर का पुलिस को अभी तक कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। बताया जाता है कि कुछ समय पूर्व ही वे अपने इलाज के लिए मुम्बई भी गए थे और लगभग सालभर पहले उन्हें पेसमेकर भी लगा था। जानकारों का कहना है कि पिछले हफ्ते ही बंटी ने दर्जी कराड़िया में 10 बीघा जमीन की रजिस्ट्री करवाई और सांवेर रोड सहित कनाड़िया और डीएलएफ के पीछे के प्रोजेक्ट में भी वे जुड़े थे। एक राजनेता के भाई और मुंबई के एक कारोबारी के साथ अवश्य कुछ विवाद चल रहा था और बंटी पर ब्याज सहित बड़ी राशि देने का दबाव था, लेकिन वित्तीय स्थिति बंटी नागर की उतनी बुरी नहीं थी, क्योंकि उसके अधिकांश प्रोजेक्ट सफल रहे और डायरियों पर भी आगामी प्रोजेक्टों का माल काफी कुछ बेच रखा था। बंटी के मित्रों का कहना है कि ऐसी कोई वित्तीय या अन्य समस्या नहीं थी, लेकिन अब पुलिस ने जो दो मोबाइल जब्त किए हैं और पोस्टमार्ट भी आज होना है, जिनकी रिपोर्ट से ही सच सामने आ सकता है।
सोना-चांदी के व्यापार से रियल इस्टेट कारोबार में उतरा था बंटी नागर… पार्टनर की कुछ साल पहले स्वाईन फ्लू की बीमारी के चलते हो गई थी मौत
बताते है कि बंटी नागर का परिवार सराफा का नामी ज्वेलर्स परिवार है। बंटी ने सोना-चांदी के व्यापार से निकलकर रियल इस्टेट में बड़ा नाम बनाया था। उसके इस कारोबार में लाने वाले पार्टनर की कुछ साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। सूत्रो के अनुसार बंटी नागर के पिता सराफा के नामी ज्वेलर्स थे। उनका अपने तीन भाइयों के साथ सराफा में सोना-चांदी का बड़ा व्यापार था। बाद में उनके पिता ने जेलरोड पर सीआईएफ ज्वेलर्स के नाम से सोना-चांदी का शोरूम खोला था। आज भी बंटी का बड़ा भाई राजेश नागर यह कारोबार देखता है, लेकिन कुछ साल पहले वह सोना-चांदी के व्यापार से निकलकर रियल इस्टेट में बिल्डर सुमति जैन के साथ संस्कृति ग्रुप से जुड़ा था और फिर रियल इस्टेट कारोबार में बड़ा नाम कमाया था। उसके कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिसके चलते प्रापर्टी कारोबार में खलबली मची हुई है। कुछ साल पहले पार्टनर सुमति जैन की स्वाइन फ्लू के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रुप की पूरी कमाई उन्होंने ही संभाल रखी थी।
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