
जबलपुर। धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में वर्ष 2021 में हुई संविदा भर्ती और जुलाई 2026 में जारी नियमित भर्ती विज्ञापन को लेकर सवाल उठे हैं। विश्वविद्यालय के आउटसोर्स पर्यवेक्षक आशीष पाठक ने कुलपति को शिकायत देकर भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित नियमों के पालन की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरक्षण, आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता और चयन प्रक्रिया से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि पूर्व में आउटसोर्स या संविदा आधार पर काम कर चुके कुछ कर्मचारियों को मौजूदा नियमित भर्ती प्रक्रिया में अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। हालांकि लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
2021 की भर्ती पर भी उठाए सवाल
आशीष पाठक के अनुसार वर्ष 2021 में पर्सनल असिस्टेंट, सहायक ग्रेड-3 सहित अन्य पदों पर संविदा नियुक्तियां की गई थीं। उनका कहना है कि कुछ लिपिकीय पदों के लिए कंप्यूटर डिप्लोमा, सीपीसीटी और स्टेनोग्राफी जैसी निर्धारित योग्यताओं को लेकर नियमों के अनुरूप प्रक्रिया अपनाई गई या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए। सहायक ग्रेड-3 के सात संविदा पदों में आरक्षण व्यवस्था के पालन को लेकर भी उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई है। शिकायत में 15 जुलाई 2026 को जारी नियमित भर्ती विज्ञापन का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि पर्सनल असिस्टेंट, सहायक ग्रेड-3 और ब्वॉयज हॉस्टल सुपरवाइजर सहित कुछ पदों की पात्रता शर्तों में बदलाव किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने इन बदलावों की नियमों के अनुरूपता की जांच की मांग की है। सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर के वर्ष 2021 के चयन को लेकर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया है कि चयन प्रक्रिया में तकनीकी परीक्षा के बजाय साक्षात्कार को आधार बनाया गया।
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