
भोपाल। मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन आयोजित किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में प्रदेश में ‘श्वेत क्रांति 2.0’ की शुरुआत की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से वर्तमान में करीब 12 लाख लीटर दूध प्रतिदिन खरीदा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य दुग्ध समितियों का विस्तार कर दूध संग्रहण को 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाना है। जिन गांवों में अभी दुग्ध समितियां नहीं हैं, वहां नई समितियां बनाने की बात भी कही गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी व्यवस्था के माध्यम से किसानों को दूध का 55 रुपए प्रति लीटर तक भाव मिल रहा है। सरकार का जोर दुग्ध क्षेत्र में बिचौलियों की भूमिका कम करने, पारदर्शी डेयरी वैल्यू चेन विकसित करने और किसानों की आय बढ़ाने पर है।
सम्मेलन में उज्जैन में 255 करोड़ रुपए की लागत से प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता वाले दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का वर्चुअल भूमि-पूजन किया गया। इसके अलावा भोपाल में डेयरी प्लांट और अत्याधुनिक प्रयोगशाला तथा शिवपुरी में डेयरी संबंधी परियोजना का लोकार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में गिर और साहिवाल जैसी उन्नत नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता बताई। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत 25 गाय पालने के लिए 40 लाख रुपए की परियोजना लागत पर 10 लाख रुपए अनुदान का उल्लेख किया गया।
प्रदेश में वर्तमान में 406 गौ एंबुलेंस संचालित होने की जानकारी देते हुए 168 नई गौ एंबुलेंस शुरू करने की बात कही गई। साथ ही बड़े स्तर पर पशु मेले आयोजित करने और गौशालाओं के माध्यम से पशु संरक्षण एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना बताई गई।
कार्यक्रम में गौपालक दीदियों का सम्मान, दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्यों को लाभांश वितरण और कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए।
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