img-fluid

मैच्योर FD का 10 साल तक नहीं किया क्लेम, तो क्या डूब जाएगा पैसा? जानें RBI के नियम

October 23, 2026

नई दिल्ली। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) नौकरीपेशा लोगों और आम निवेशकों (Investors) के बीच सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न (Safe investment and Guaranteed returns) के लिए लोकप्रिय विकल्प है। लेकिन कई बार बैंक के नोटिफिकेशन पर ध्यान नहीं देने या जानकारी के अभाव में लोग FD की मैच्योरिटी के बाद भी अपनी रकम का दावा नहीं करते। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या 10 साल तक पैसा नहीं निकालने पर रकम डूब जाती है या उस पर ब्याज मिलता रहता है?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, मैच्योरिटी के बाद FD की रकम का निपटान बैंक में दर्ज निर्देशों और लागू शर्तों के आधार पर होता है। यदि निर्धारित अवधि तक रकम पर दावा नहीं किया जाता, तो वह अनक्लेम्ड डिपॉजिट की श्रेणी में आ सकती है। 10 साल तक दावा नहीं होने पर संबंधित रकम को डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड में ट्रांसफर किया जा सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि जमाकर्ता का पैसा डूब गया।

FD मैच्योर होने के बाद रकम का क्या होता है?
FD की अवधि पूरी होने पर बैंक जमाकर्ता को रकम का भुगतान कर सकता है या दर्ज निर्देशों के मुताबिक डिपॉजिट को रिन्यू कर सकता है। आम तौर पर ये स्थितियां बन सकती हैं:

ऑटो-रिन्यूअल: FD खोलते समय ऑटो-रिन्यूअल का विकल्प चुना गया है, तो बैंक लागू निर्देशों और शर्तों के अनुसार इसे आगे बढ़ा सकता है।

बैंक खाते में रकम ट्रांसफर: यदि मैच्योरिटी पर भुगतान का निर्देश है, तो बैंक अपनी प्रक्रिया के मुताबिक रकम रजिस्टर्ड बैंक खाते में भेज सकता है।

मैच्योरिटी के बाद ब्याज: यदि मैच्योरिटी की रकम का भुगतान नहीं हुआ है, तो लागू RBI निर्देशों और बैंक की शर्तों के अनुसार उस पर बचत खाते की ब्याज दर या मैच्योर हो चुकी FD की अनुबंधित दर में से जो भी कम हो, उसके आधार पर ब्याज मिल सकता है। इसलिए मैच्योरिटी के बाद पुरानी FD की ब्याज दर लगातार मिलते रहने की गारंटी नहीं है।

10 साल तक दावा नहीं किया, तो क्या होगा?
यदि FD की मैच्योरिटी के बाद 10 साल तक रकम पर दावा नहीं किया जाता, तो वह अनक्लेम्ड डिपॉजिट के दायरे में आ सकती है। RBI के नियमों के तहत, संबंधित अवधि पूरी होने पर बैंक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बकाया रकम को DEA फंड में ट्रांसफर करता है।

लेकिन रकम DEA फंड में ट्रांसफर होने का मतलब यह नहीं है कि जमाकर्ता का पैसा खत्म हो गया। जमाकर्ता या उसके कानूनी उत्तराधिकारी का रकम पर दावा करने का अधिकार बना रहता है। इसके लिए संबंधित बैंक से संपर्क करना और निर्धारित दस्तावेजों व सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होता है।


  • जमाकर्ता की मृत्यु हो गई हो, तो कौन कर सकता है क्लेम?
    यदि FD के जमाकर्ता की मृत्यु हो चुकी है और रकम पर किसी ने दावा नहीं किया है, तो नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी बैंक में क्लेम कर सकता है। इसके लिए बैंक की मांग के अनुसार मृत्यु प्रमाण पत्र, पहचान संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी कागजात जमा करने पड़ सकते हैं।

    दस्तावेजों और दावे का सत्यापन होने के बाद बैंक लागू नियमों के मुताबिक रकम का भुगतान करता है। इसलिए परिवार के सदस्यों को FD, बैंक खातों और नॉमिनी से जुड़ी जानकारी व्यवस्थित रखनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर रकम प्राप्त करने में परेशानी न हो।

    FD रिन्यू कराने से पहले इन 4 बातों का रखें ध्यान
    1. ब्याज दर की तुलना करें: नई FD कराने से पहले बैंक की मौजूदा ब्याज दरों की तुलना अपनी पुरानी FD की दर से करें। नई FD पर ब्याज पहले से कम या ज्यादा हो सकता है।

    2. अवधि का आकलन करें: FD की अवधि अपनी वित्तीय जरूरतों के हिसाब से चुनें। लंबी अवधि के लिए पैसा जमा करने से पहले भविष्य के खर्चों का अनुमान लगा लें।

    3. समय से पहले निकासी की शर्तें जानें: मैच्योरिटी से पहले FD तोड़ने पर लागू पेनाल्टी या ब्याज में कटौती की शर्तों को समझना जरूरी है।

    4. जरूरत के लिए रकम उपलब्ध रखें: यदि निकट भविष्य में किसी खर्च या आपात स्थिति के लिए पैसा चाहिए, तो पूरी रकम लंबी अवधि की FD में रखने के बजाय कुछ हिस्सा बचत खाते में रखने या अलग-अलग मैच्योरिटी वाली FD में बांटने पर विचार कर सकते हैं।

    डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। FD के ब्याज, भुगतान, रिन्यूअल और क्लेम से जुड़े नियम बैंक तथा संबंधित योजना की शर्तों के अनुसार अलग हो सकते हैं। कोई निर्णय लेने से पहले अपने बैंक से लागू नियमों की पुष्टि करें।

    Share:

  • ट्रंप की अटलांटिक महासागर का नाम अपने नाम पर रखने की इच्छा, गूगल ने किया इनकार

    Fri Oct 23 , 2026
    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की भौगोलिक स्थानों के नाम बदलने की मुहिम अब महासागरों तक पहुंच गई है। ट्रंप अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean) का नाम बदलकर ‘ट्रंप ओशन’ (Trump Ocean) रखना चाहते हैं। बताया गया है कि उन्होंने इसके लिए गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई से भी बातचीत की, […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved