
नई दिल्ली. भूटान (Bhutan) के पुनाखा (Punakha) में मो छू नदी में आए फ्लैश फ्लड (Flash flood) ने तबाही मचाई है. इसके कारण दोछुका-जोमलिंगथांग-रित्सा चीवोग में लगा सोलर (solar project) इरिगेशन लिफ्टिंग सिस्टम आंशिक रूप से डैमेज हो गया है.
बताया जा रहा है कि फ्लैश फ्लड के बाद सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया है. एक स्थानीय नेता के मुताबिक, सिस्टम अब बंद है.
हालांकि इसमें हुए असल नुकसान का सही आकलन किया जाना अभी बाकी है. गौर करने वाली बात यह है कि स्थानीय लोगों को सिंचाई की समस्या से राहत दिलाने के लिए इसी साल यह सोलर सिस्टम इंस्टॉल किया गया था.
दूसरी ओर, फ्लैश फ्लड के साथ बहकर आए भारी मलबे ने सड़क पर भी आवाजाही प्रभावित कर दी है. मलबे के कारण जोमलिंगथांग इलाके में पुनाखा-गासा हाईवे का एक हिस्सा ब्लॉक हो गया है. इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
बता दें, भूटान में झील से अचानक पानी निकलने के बाद कई इलाकों में तबाही मची है. इसका असर भारत के पश्चिम बंगाल तक पहुंचने की आशंका के बीच अलीपुरद्वार में प्रशासन ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. जिले में करीब 10 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया, जिन्हें स्कूलों और राहत शिविरों में ठहराया गया है.
संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई, जबकि एनडीआरएफ की टीम भी मौके के लिए रवाना हुई है. इस बीच, कुमारग्राम इलाके में फ्लैश फ्लड के पानी का असर खत्म होने और सभी लोगों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है.
अलीपुरद्वार के एसपी अमित कुमार शाह ने लोगों से न घबराने की अपील करते हुए कहा, ‘सिचुएशन पूरी तरह कंट्रोल में है.’ उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन, पुलिस, बीडीओ और दूसरी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं. इसके साथ ही प्रशासन भूटान के अधिकारियों के भी संपर्क में बना हुआ है.
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