पटना। बिहार विधान परिषद के हालिया चुनाव में निर्दलीय निर्वाचित बंशीधर ब्रजवासी (Banshidhar Brajwasi) और राहुल राज (Rahul Raj) ने विधान पार्षद (MLC) पद की शपथ लेने से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली। शनिवार को दोनों नेता प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी की मौजूदगी में उन्हें पार्टी में शामिल कराया गया। इस घटनाक्रम पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने सवाल उठाते हुए इसे असंवैधानिक और गैरकानूनी करार दिया है। आरजेडी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस कदम से अपने सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को भी राजनीतिक संदेश दिया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दोनों नवनिर्वाचित विधान पार्षदों को सदस्यता की रसीद सौंपी। भाजपा की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, शनिवार देर शाम प्रदेश कार्यालय में आयोजित विधानमंडल दल की बैठक में बिहार भाजपा प्रभारी हरीश द्विवेदी की मौजूदगी में दोनों निर्दलीय एमएलसी ने सदन के भीतर पार्टी का समर्थन करने की घोषणा की। इससे विधान परिषद में भाजपा के समर्थन में दो सदस्य और बढ़ गए हैं।
बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज ने विधान परिषद के चुनाव में जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवारों को हराया था। राहुल राज ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू प्रत्याशी आनंद पुष्कर को पराजित किया, जबकि बंशीधर ब्रजवासी ने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू के अभिषेक झा को शिकस्त दी थी।
दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों के भाजपा में शामिल होने के बाद बिहार की राजनीति में सहयोगी दलों के बीच समीकरणों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। आरजेडी ने इसी मुद्दे को उठाते हुए भाजपा पर जेडीयू के साथ राजनीतिक छल करने का आरोप लगाया है।
आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने शनिवार को बयान जारी कर दोनों निर्दलीय विधान पार्षदों के भाजपा में शामिल होने को असंवैधानिक और गैरकानूनी बताया। उन्होंने कहा कि किसी निर्वाचित निर्दलीय सदस्य का इस तरह किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करना गंभीर सवाल खड़े करता है।
शक्ति सिंह यादव ने भाजपा पर संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों नवनिर्वाचित विधान पार्षदों ने अभी सदन की शपथ भी नहीं ली थी, लेकिन भाजपा ने जल्दबाजी में उन्हें पार्टी में शामिल करा लिया।
उन्होंने सवाल किया कि क्या संविधान, सदन की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली और दल-बदल कानून इस तरह की सदस्यता की अनुमति देते हैं। आरजेडी ने इस पूरे घटनाक्रम की वैधानिकता पर सवाल उठाए हैं।
आरजेडी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि दोनों निर्दलीय विधान पार्षदों को पार्टी में शामिल कर भाजपा ने अपने सहयोगी जेडीयू को खुला ठेंगा दिखाया है। उन्होंने दावा किया कि जिन सीटों पर जेडीयू के आधिकारिक प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे, वहां भाजपा अंदरखाने निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन कर रही थी।
शक्ति सिंह यादव ने कहा कि दोनों नेताओं को भाजपा की सदस्यता दिलाने से इन आरोपों को बल मिला है। उन्होंने जेडीयू की आंतरिक स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए दावा किया कि पार्टी कई खेमों में बंट चुकी है और भाजपा के प्रभाव में अपना राजनीतिक अस्तित्व खो सकती है।
फिलहाल, दोनों निर्दलीय विधान पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से बिहार विधान परिषद में पार्टी के समर्थन में दो सदस्यों की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, इस घटनाक्रम को लेकर आरजेडी ने संवैधानिक प्रावधानों और भाजपा-जेडीयू संबंधों पर सवाल खड़े किए हैं।
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