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“ऐसा व्यक्ति बताओ, जो मुझसे बड़ा सनातनी हो” दिग्विजय की BJP को चुनौती, राम मंदिर और EVM मुद्दे पर भी घेरा

November 01, 2026

राजगढ़। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने शनिवार को राजगढ़ (Rajgarh) में अपनी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन की खरीद-फरोख्त, धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे के उपयोग और चुनाव में ईवीएम की पारदर्शिता को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की मूल भावना, धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए यह यात्रा निकाली जा रही है। भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि वे ऐसा व्यक्ति बताएं, जो उनसे बड़ा सनातनी हो।

जिला मुख्यालय पर रात्रि विश्राम के बाद दिग्विजय सिंह ने मां जालपा देवी के दर्शन किए और नेवज नदी की पूजा की। इसके बाद यात्रा कालीपीठ मार्ग स्थित दंड जोड़ के भगवान बाबा रामदेव मंदिर पहुंची, जहां उन्होंने प्रेस वार्ता की। सिंह ने कहा कि चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दे भी सनातन धर्म और सामाजिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई का हिस्सा हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन की खरीद पर लगाए आरोप
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे और ट्रस्ट की जमीन की खरीद-फरोख्त में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मंदिर के आसपास जमीनों की कीमतें बढ़ने के दौरान कुछ मामलों में भाजपा नेताओं ने कम कीमत पर जमीन खरीदी और 24 घंटे के भीतर उसे राम मंदिर ट्रस्ट को अधिक दाम पर बेच दिया।

एक मामले का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दो करोड़ रुपए में खरीदी गई जमीन अगले ही दिन ट्रस्ट को 18 करोड़ रुपए में बेच दी गई। सिंह के मुताबिक, इस मामले में जांच की मांग की गई थी और एसआईटी को प्रमाण सौंपे जाने की बात भी सामने आई, लेकिन जांच नहीं हुई।

उन्होंने चंदा संग्रह में गड़बड़ी की शिकायत करने वाले आरएसएस के पूर्व प्रचारक महिपाल सिंह का भी उल्लेख किया। वैष्णोदेवी ट्रस्ट, केदारनाथ, ओरछा और उज्जैन के धार्मिक स्थलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दान की राशि के इस्तेमाल में पारदर्शिता जरूरी है।


  • EVM पर बोले- हार गए तो हार गए, बैलेट पेपर से चुनाव करा दीजिए
    ईवीएम के विरोध और बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर कांग्रेस की हार से जुड़े सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनका मुद्दा चुनाव में जीत या हार नहीं, बल्कि मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक का अधिकार है कि उसका नाम मतदाता सूची में हो और वह अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट दे सके।

    उन्होंने वीवीपैट की पर्ची मतदाता को हाथ में नहीं दिए जाने पर भी सवाल उठाया। सिंह ने कहा, “चुनाव हार गए तो हार गए, चलेगा, कोई बात नहीं। आप बैलेट पेपर से पूरा चुनाव करा दीजिए। जब आप कह रहे हैं कि बैलेट पेपर से कांग्रेस हार रही है, तो हराइए।”

    भाजपा से पूछा- मुझसे बड़ा सनातनी कौन?
    भाजपा नेताओं के इस सवाल पर कि उनकी सरकार के कार्यकाल में उन्हें भगवान राम की याद क्यों नहीं आई, दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने रामलीला पूजन में चंदा दिया था और गौ सेवा आयोग का गठन भी किया था। उन्होंने अपने गृह क्षेत्र राघौगढ़ के करीब 400 साल पुराने राघवजी मंदिर का भी उल्लेख किया।

    इसके बाद उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि पार्टी ऐसा व्यक्ति बताए, जो उनसे अधिक धार्मिक हो। उन्होंने आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद में भी ऐसा व्यक्ति बताने की बात कही।

    सिंह ने दावा किया कि उनकी यात्रा में ऐसे लोग भी शामिल हो रहे हैं, जिनका किसी राजनीतिक दल से जुड़ाव नहीं है। उनके मुताबिक, कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं और आरएसएस से जुड़े लोगों के संदेश भी आए हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने वैचारिक मतभेद के बावजूद राम मंदिर में चंदे की कथित गड़बड़ी को लेकर उनके उठाए सवालों का समर्थन किया है।

    आजम खान को बताया मित्र, बोले- अच्छे राजनेता हैं
    समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के कांग्रेस में शामिल होने की संभावना से जुड़े सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि आजम खान से उनकी अच्छी मित्रता है और वे उन्हें अच्छा राजनेता मानते हैं।

    उन्होंने कहा कि आजम खान ने विश्वविद्यालय की स्थापना की और अपनी संपत्ति उसमें लगा दी। यूपीए सरकार के दौरान विश्वविद्यालय को मंजूरी दिलाने में उन्होंने अपनी ओर से हरसंभव मदद की थी। सिंह ने कहा कि आजम खान जिस पार्टी में रहना चाहें, रह सकते हैं। समाजवादी पार्टी उनके गठबंधन का हिस्सा है और दोनों दल एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बारे में पूछे जाने पर भी सिंह ने उन्हें अपना मित्र बताया। उन्होंने कहा कि वे विजयवर्गीय को काफी समय से जानते हैं।

    राहुल गांधी की महारैली पर कहा- जो जा सकते हैं, वे दिल्ली जाएं
    दिल्ली में एक नवंबर को प्रस्तावित राहुल गांधी की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ महारैली को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो नेता दिल्ली जा सकते हैं, वे वहां पहुंचें और जो नहीं जा सकते, वे उनकी यात्रा में शामिल हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यात्रा पहले से तय थी, इसलिए वे दिल्ली नहीं जा रहे हैं। सिंह ने वोट चोरी को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इसका सीधा असर नागरिकों के अधिकारों पर पड़ता है।

    राजगढ़ में भैंस चोरी का मुद्दा भी उठाया
    प्रेस वार्ता के दौरान दिग्विजय सिंह ने राजगढ़ जिले में भैंस चोरी की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि जिले में भैंस चोरी के मामले बढ़ रहे हैं और जिन लोगों की भैंस चोरी हुई हैं, उनमें अधिकतर कांग्रेस से जुड़े हैं। इस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि चोरी हर जगह बढ़ रही है।

    सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा में दिग्विजय सिंह के साथ उनकी धर्मपत्नी अमृता सिंह, पूर्व ऊर्जा मंत्री एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह, पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी, बापू सिंह तंवर, यात्रा प्रभारी चंदर सिंह सौंधिया, रामचंद्र दांगी सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे। यात्रा का विभिन्न स्थानों पर फूलों से स्वागत किया गया।

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