
जबलपुर। शहर में एक सरकारी स्कूल शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है! जिस उम्र में हाथों में कलम और किताबें होनी चाहिए थीं, उस उम्र में मासूम बच्चियों के हाथों में झाड़ू और कचरे के टोकरे थमा दिए गए. शासकीय कन्या शाला ब्योहारबाग में दीपावली की आड़ में छात्राओं से जबरन स्कूल की सफाई कराई गई और उनसे कचरा उठवाया गया
जब अपने जिगर के टुकड़ों को पढ़ाई के बजाय कचरा साफ करते देख अभिभावकों ने आक्रोश व्यक्त किया. अभिभावकों ने जब इस तुगलकी फरमान पर आपत्ति जताई, तो स्कूल प्रबंधन की संवेदनहीनता चरम पर पहुंच गई. आरोपों के मुताबिक, संतोषजनक जवाब देने के बजाय प्राचार्या और शिक्षकों ने रौब झाड़ते हुए कह दिया बच्चों को ले जाना है तो ले जाओ। इस रुख के बाद अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर ही इस बदइंतज़ामी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही पूरे शहर में हड़कंप मच गया और शिक्षा विभाग के हाथ-पांव फूल गए। अभिभावकों की सीधी शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी गौतम बर्वे ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। डीईओ ने साफ कर दिया है कि स्कूलों में बच्चियों से ऐसा काम कराना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने शासकीय कन्या शाला की प्रभारी प्राचार्या को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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