
उज्जैन। मई महीने में आसमान से बरसी आग और भीषण गर्मी के चलते उज्जैन शहर में बिजली की मांग ने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। मई के अधिकांश दिनों में पारा 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहने के कारण शहरवासियों को कूलर और एसी का सहारा लेना पड़ा, जिससे बिजली की खपत में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई।
बिजली कंपनी के अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए उज्जैन शहर में इस बार मई माह में अब तक की सर्वाधिक 6 करोड़ यूनिट से ज्यादा बिजली वितरित की गई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की 5 करोड़ यूनिट की खपत से लगभग 1 करोड़ यूनिट अधिक है। मई के तीसरे सप्ताह से शुरू हुआ बिजली की भारी मांग का सिलसिला महीने के अंत तक लगातार बना रहा। उज्जैन के इतिहास में पहली बार बिजली की अधिकतम मांग 90 एमवीए के आंकड़े को पार कर गई। उल्लेखनीय है कि गर्मी के कारण बिजली की खपत बढ़ जाती है। शहर में इन दिनों रोजाना करीब 16 से 17 लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही है जबकि फरवरी मार्च माह तक 11-12 लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही थी। शहर में मार्च माह की तुलना में मई माह में एक दिन में 5 से 6 लाख यूनिट बिजली की खपत बढ़ जाती है। वर्तमान में शहर में सवा लाख से ज्यादा विद्युत उपभोक्ता हैं, इनमें से 75 हजार घरेलू उपभोक्ता व अन्य श्रेणी के यानी संस्था, मंदिर इत्यादि श्रेणी के उपभोक्ता हैं। इसके अलावा 2 हजार से ज्यादा औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ता हैं। एक अनुमान है कि शहर में करीब 10 लाख पंखे, 3 लाख फ्रीज, तीन लाख कूलर एवं 1 लाख एयरकंडीशनर हैं। इसके अलावा बल्ब, ट्यूब, पानी की मोटर, टीवी, कम्प्यूटर, प्रेस, चिमनी, मोबाइल चार्जर, टैबलेट, डोरबेल, एक्जास्ट, हीटर समेत कुल 20 प्रकार के उपकरण बिजली लेते हैं। इसी कारण गर्मी में खपत अन्य माह की तुलना में शीर्ष स्तर तक पहुँच जाती है। विद्युत मांग की बात करें तो गरमी शुरु होने के साथ 30 फीसदी मांग बढ़ जाती हैं। जून के बाद फिर इसमें कमी आती हैं।
आधी रात को भी नहीं मिल रही राहत
आमतौर पर रात के समय व्यावसायिक गतिविधियाँ थमने से बिजली की माँग कम हो जाती है, लेकिन इस बार गर्मी के तीखे तेवरों के कारण रात में भी राहत नहीं मिली। मध्यरात्रि 12 बजे भी शहर में बिजली की मांग ज्यादा दर्ज की गई। रात 12 बजे तक शहर के 100′ बाजार और लगभग 90′ उद्योग बंद हो जाते हैं। इसके बावजूद आधी रात को बिजली की ज्यादा की मांग रहना यह साफ दर्शाता है कि घरों में एयरकंडीशनर और कूलर के लगातार चलने से घरेलू बिजली की मांग अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुँच चुकी है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved