
नई दिल्ली(New Delhi)। अमेरिका और ईरान(United States and Iran) के बीच जारी(Amidst the ongoing tensions) तनावपूर्ण हालात के बीच ईरान की सैन्य(Iran’s military) तैयारियों को लेकर बड़े दावे (significant claims)सामने आ रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) द्वारा आम नागरिकों(providing civilians) को हथियार चलाने(weapons handling)और सैन्य प्रशिक्षण (military training)दिया जा रहा है।
तेहरान और अन्य शहरों में कथित तौर पर सार्वजनिक स्थानों पर प्रशिक्षण शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां महिलाओं और पुरुषों के साथ-साथ युवाओं को भी हथियारों की जानकारी दी जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि छोटे बच्चों को भी प्रतीकात्मक रूप से हथियार चलाने का अभ्यास कराया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि देश किसी संभावित संघर्ष की तैयारी में है।
इस बीच ईरानी सरकारी मीडिया से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें एंकरों को हथियारों के साथ अभ्यास करते हुए दिखाया गया है। इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव कम होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम उस व्यापक भू-राजनीतिक तनाव का हिस्सा है, जिसमें दोनों देश एक-दूसरे पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकती हैं, खासकर तब जब कूटनीतिक बातचीत अभी भी अनिश्चित स्थिति में है।
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